प्रत्येक वर्ष 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना दिवस मनाया जाता है। यह दिवस सन् 1971 की जंग में भारतीय नौसेना द्वारा पाकिस्तानी नौसेना पर जीत की याद में मनाया जाता है। भारतीय सेना ने पूर्वी पाकिस्तान (जिसे अब बांग्लादेश के नाम से जानते हैं) में 3 दिसंबर 1971 को पाक सेना के खिलाफ जंग का बिगुल बजाया था। वहीं 4 दिसंबर, 1971 में भारतीय नौसेना ने 'ऑपरेशन ट्राइडेंट' के तहत कराची नौसेनिक अड्डे पर हमला कर दिया था। भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के तीन जहाज नष्ट कर दिए थे। इस ऑपरेशन में भारतीय नौसेना ने पहली बार एंटी-शिप मिसाइल का इस्तेमाल किया था। इस मिशन में भारतीय नौसेना का आई.एन.एस. खुकरी भी पानी में डूब गया था। आई.एन.एस. खुकरी में 18 अधिकारियों सहित लगभग 176 नौसैनिक सवार थे। इस हमले से कराची तेल डिपो में आग लग गयी जो सात दिनों और सात रातों तक नही बुझायी जा सकी थी।

 Indian Navy

भारतीय नौसेना का इतिहास ईस्ट इंडिया कंपनी ने सन् 1613 में इंडियन मेरीन का गठन किया। सन् 1685 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने इसे बंबई मरीन नाम दिया। 08 सितंबर, 1934 में भारतीय विधानपरिशद् ने भारतीय अधिनियम पारित किया। इस अधिनियम के पारित होने के बाद इसका नाम रॉयल इंडियन नेवी दिया गया। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नौसेना का विस्तार हुआ। भारतीय नौसेना की कमान गृह मंत्रालय के अधिन होती है। भारतीय नौसेना के वर्तमान अध्यक्ष एडमिरल सुनील लांबा हैं। भारतीय नौसेना का मुख्यालय राजधानी दिल्ली में है। वर्तमान में भारतीय नौसेना विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी नौसेना है। इसमे कुल सैनिकों की संख्या 79,000 है।

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