CGPSC ( Chhattishgarh Public Service Commission )

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग,रायपुर

  • छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग राज्य में विभिन्न प्रकार के कार्यों को पूर्ण करता है, जैसे- राज्य में लोक सेवकों की भर्ती से सम्बन्धित सभी मामलों को, लोक सेवको की योग्यता, स्थानांतरण, पदोन्नति से सम्बन्धित सभी मामलों, एवं उनके मौद्रिक लाभ और नुकसान की भरपाई से सम्बन्धित सभी मामलों को देखने का कार्य करता है।

  • यहां पर प्रशासनिक सेवा में शैक्षणिक योग्यता में उम्मीदवारों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री होनी चाहिए।
  • आयु सीमा की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष है और अधिकतम उम्र 30 वर्ष होनी चाहिए तथा छत्तीसगढ़ के मूल निवासी की आयु सीमा 35 वर्ष (आयु में सीमा में अलग-अलग पद और सेवाओं के अनुसार बदलाव संभव है) है।
  • प्रशासनिक जिम्मेदारियों में बिजली, सड़क, लोक व्यवस्था, न्याय व्यवस्था, आपूर्ति व्यवस्था, शिक्षा, कर, बाल और महिला कल्याण एवं एस.सी/ए.टी और पिछडा वर्ग कल्याण से सम्बन्धित कल्याणकारी कार्य की जिम्मेदारियां होती है।
  • राज्य पुलिस सेवा (पुलिस उपाधीक्षक), राज्य लेखा सेवा (लेखा अधिकारी), सहायक निदेशक, रोजगार अधिकारी, वाणिज्यिक कर अधिकारी, अधीक्षक, सहायक रजिस्ट्रार (Sub Registrar), जिला सेनानी, सहायक परियोजना अधिकारी, छत्तीसगढ़ अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO), अधीनस्थ सिविल सेवा (नायब तहसीलदार), सहायक अधीक्षक, वाणिज्यिक कर निरीक्षक, आबकारी उप निरीक्षक, डिप्टी रजिस्ट्रार, सहकारी निरीक्षक,सहायक जेल अधीक्षक आदि पदों में बिजली, सड़क, लोक व्यवस्था, न्याय व्यवस्था, आपूर्ति व्यवस्था, शिक्षा, कर, बाल और महिला कल्याण एवं एस.सी/एस.टी और पिछड़े वर्ग कल्याण से सम्बन्धित कल्याणकारी कार्य से सम्बन्धित जॉब प्रोफाइल होते है जिसमें जिले में प्रत्येक स्थान पर बिजली की आपूर्ति को संचालित करना, सड़क को बनाना और मरम्मत करवाना, नागरिकों को भय मुक्त और स्वतंत्र वातावरण देना, न्याय व्यवस्था को संचालित करना, शिक्षा संस्थानों में शिक्षा को सब तक पहुंचाना और शिक्षा के स्तर को उठाना ताकि भावी पीढ़ियां अच्छी बने, जिले में कर का संग्रह करना, बाल और महिला कल्याण के कार्य सुचारु रूप से देखना तथा एस.सी/एस.टी और पिछडे वर्ग कल्याण आदि से सम्बन्धित कार्यों को पूर्ण करना होता है।

  • छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा की जाने वाली भर्तियों में वेतनमान (पे-स्केल) 5200 से 20200 है और ग्रेड-पे 1900 है, जो अलग- अलग सेवा और पदों के लिए भिन्न भी हो सकता है।

सिविल सेवा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए द्वारा निम्नलिखित अर्हता निर्धारित की गयी हैं-

1. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (U.G.C) की धारा 1956, द्वारा मान्यता प्राप्त, किसी राज्य अथवा केंद्रीय विश्वविद्यालय, या डीम्ड विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक अथवा समकक्ष की डिग्री।

2.एेसे छात्र जो स्नातक अथवा समकक्ष परीक्षा के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं या अंतिम वर्ष में हैं, वो प्रारंभिक परीक्षा में बैठ सकते है । लेकिन मुख्य परीक्षा में शामिल होने के पूर्व उन्हें आवेदन पत्र के साथ न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की डिग्री संलग्न करना आवश्यक है ।

3. विशेष परिस्थिति में आयोग एेसे छात्रों को भी परीक्षा में बैठने की अनुमति दे सकता है जो निर्धारित योग्यता धारण नहीं करते हैं लेकिन आयोग की नजर में उनकी डिग्री न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के समकक्ष है ।

4. पेशेवर और तकनीकी योग्यता वाले छात्र भी इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

5.एेसे अभ्यर्थी जो M.B.B.S के Final में हैं या जिनकी इंटर्नशिप अभी पूरी नहीं हुई है वो भी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकते हैं । लेकिन साक्षात्कार के दौरान उन्हें पूरी डिग्री साक्षात्कार बोर्ड के समक्ष रखनी पड़ती है ।

 

 

एग्जाम पैटर्न


  • लोक सेवा आयोग की परीक्षा के तीन चरण है-
    1. प्रारम्भिक परीक्षा (वस्तुनिष्ठ और बहुविकल्पीय)
    2. मुख्य परीक्षा (व्याख्यात्मक, लिखित)
    3. साक्षात्कार

  • प्रारम्भिक परीक्षा में प्रश्नपत्रों की संख्या दो है यह परीक्षा बहुविकल्पीय वस्तुनिष्ठ प्रकार की हाेती है। प्रत्येक प्रश्नपत्र में 100 प्रश्न होंगे, और प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का होगा। जिसकी अवधि प्रत्येक प्रश्नपत्र के लिए 2 घंटे की होगी।
  • यहां पर हर एक गलत उत्तर के लिये एक (1) अंक कि कटौती की जाएगी।
  • प्रारम्भिक परीक्षा के प्रत्येक प्रश्न पत्र में अनारक्षित वर्ग के लिए आवश्यक अर्हक अंक 33% होंगे, और आरक्षित श्रेणियों और विकलांग उम्मीदवारों काे 23% अर्हक अंक के आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए चुना जाएगा।
क्र.सं.विषयप्रश्नों की संख्याअंकसमयावधि
1.सामान्य अध्ययन100200 2 घंटे 
2.सामान्य अभिरुचि (एप्टीट्यूट टेस्ट)100200 2 घंटे 

नेगेटिव मार्किंग:  इसमें गलत जवाब पर 1 अंक नेगेटिव मार्किंग की जाएगी।  

मुख्य परीक्षा में 7 प्रश्नपत्र होते है और प्रत्येक प्रश्नपत्र में तीन घंटे की समय अवधि होती है और साक्षात्कार के 150 अंको का होगा।

प्रश्नपत्रविषय अंक
प्रश्नपत्र Iभाषा200
प्रश्नपत्र II निबंध200
प्रश्नपत्र IIIइतिहास,संविधान और लोक प्रशासन में200
प्रश्नपत्र IVविज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण200
प्रश्नपत्र V अर्थशास्त्र और भूगोल में200
प्रश्नपत्र VIगणित और तार्किक क्षमता200
प्रश्नपत्र VIIदर्शन और समाजशास्त्र200

 

  • मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र पारंपरिक प्रकृति का होगा। पहले प्रश्नपत्र को छोड़कर सभी प्रश्नपत्रों में उम्मीदवारों द्वारा उत्तर हिन्दी या अंग्रेजी में दिया जा सकता है।
  • निबन्ध के एक भाग में राष्ट्रीय स्तर की तीन समस्याएं और दूसरे में छत्तीसगढ़ राज्य से संबंधित तीन समस्याएं होगी। उम्मीदवारों को अनिवार्य रूप से दो निबन्ध करने है जो प्रत्येक अनुभाग से एक-एक होगा। जो प्रत्येक 1500 शब्दों का होगा। साथ ही तीसरे प्रश्नपत्र से सातवें प्रश्नपत्र तक सवाल निम्न वर्गों से पूछे जाते है

एग्जाम पैटर्न


  • लोक सेवा आयोग की परीक्षा के तीन चरण है-
    1. प्रारम्भिक परीक्षा (वस्तुनिष्ठ और बहुविकल्पीय)
    2. मुख्य परीक्षा (व्याख्यात्मक, लिखित)
    3. साक्षात्कार

  • प्रारम्भिक परीक्षा में प्रश्नपत्रों की संख्या दो है यह परीक्षा बहुविकल्पीय वस्तुनिष्ठ प्रकार की हाेती है। प्रत्येक प्रश्नपत्र में 100 प्रश्न होंगे, और प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का होगा। जिसकी अवधि प्रत्येक प्रश्नपत्र के लिए 2 घंटे की होगी।
  • यहां पर हर एक गलत उत्तर के लिये एक (1) अंक कि कटौती की जाएगी।
  • प्रारम्भिक परीक्षा के प्रत्येक प्रश्न पत्र में अनारक्षित वर्ग के लिए आवश्यक अर्हक अंक 33% होंगे, और आरक्षित श्रेणियों और विकलांग उम्मीदवारों काे 23% अर्हक अंक के आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए चुना जाएगा।
क्र.सं.विषयप्रश्नों की संख्याअंकसमयावधि
1.सामान्य अध्ययन100200 2 घंटे 
2.सामान्य अभिरुचि (एप्टीट्यूट टेस्ट)100200 2 घंटे 

नेगेटिव मार्किंग:  इसमें गलत जवाब पर 1 अंक नेगेटिव मार्किंग की जाएगी।  

मुख्य परीक्षा में 7 प्रश्नपत्र होते है और प्रत्येक प्रश्नपत्र में तीन घंटे की समय अवधि होती है और साक्षात्कार के 150 अंको का होगा।

प्रश्नपत्रविषय अंक
प्रश्नपत्र Iभाषा200
प्रश्नपत्र II निबंध200
प्रश्नपत्र IIIइतिहास,संविधान और लोक प्रशासन में200
प्रश्नपत्र IVविज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण200
प्रश्नपत्र V अर्थशास्त्र और भूगोल में200
प्रश्नपत्र VIगणित और तार्किक क्षमता200
प्रश्नपत्र VIIदर्शन और समाजशास्त्र200

 

  • मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र पारंपरिक प्रकृति का होगा। पहले प्रश्नपत्र को छोड़कर सभी प्रश्नपत्रों में उम्मीदवारों द्वारा उत्तर हिन्दी या अंग्रेजी में दिया जा सकता है।
  • निबन्ध के एक भाग में राष्ट्रीय स्तर की तीन समस्याएं और दूसरे में छत्तीसगढ़ राज्य से संबंधित तीन समस्याएं होगी। उम्मीदवारों को अनिवार्य रूप से दो निबन्ध करने है जो प्रत्येक अनुभाग से एक-एक होगा। जो प्रत्येक 1500 शब्दों का होगा। साथ ही तीसरे प्रश्नपत्र से सातवें प्रश्नपत्र तक सवाल निम्न वर्गों से पूछे जाते है

एग्जाम में सफल होने के लिए रणनीति, सुझाव और तरकीब

पाठ्यक्रम


सामान्य अध्ययन प्रथम प्रश्नपत्र:
भाग- I

भारत और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का इतिहास।
शारीरिक, सामाजिक और भारत के आर्थिक भूगोल।
भारत का संविधान और राजनीति।
भारतीय अर्थव्यवस्था।
जनरल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी।
भारतीय दर्शन, कला, साहित्य एवं संस्कृति।
करंट अफेयर्स और खेल।
वातावरण।


भाग- II छत्तीसगढ़ का सामान्य ज्ञान

छत्तीसगढ़ के इतिहास, और स्वतंत्रता आंदोलन में छत्तीसगढ़ के योगदान।
भूगोल, जलवायु, भौतिक स्थिति, जनगणना, छत्तीसगढ़ के पुरातत्व और पर्यटन स्थल।
साहित्य, संगीत, नृत्य, कला और संस्कृति, मुहावरे और लोकोक्तियां,पहेली, छत्तीसगढ़ के गायन।
जनजाति, विशेष परंपराएं, तीज और छत्तीसगढ़ के त्यौहार।
अर्थव्यवस्था, वन, और छत्तीसगढ़ की कृषि।
प्रशासनिक ढांचा, स्थानीय सरकार, और छत्तीसगढ़ में पंचायती राज।
ऊर्जा, पानी और छत्तीसगढ़ के खनिज संसाधन, छत्तीसगढ़ के उद्योग।
छत्तीसगढ़ का करंट अफेयर्स।

सामान्य अभिरुचि दूसरा प्रश्नपत्र (एप्टीट्यूड टेस्ट):

संचार कौशल सहित पारस्परिक कौशल।
तार्किक विचार और विश्लेषणात्मक क्षमता।
निर्णय लेने और समस्या को सुलझाने की क्षमता।
सामान्य मानसिक योग्यता।
बेसिक संख्यात्मक कार्य (संख्या और उनके संबंधों, परिमाण के आदेश, आदि) (दसवीं कक्षा के स्तर), डेटा व्याख्या (चार्ट, रेखांकन, टेबल, डेटा प्रचुरता, आदि 10वीं स्तर)।
हिंदी भाषा 10वीं कक्षा के स्तर) का ज्ञान।
छत्तीसगढ़ का ज्ञान। 


इतिहास,संविधान और लोक प्रशासन:

-भारत का इतिहास
-भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन
-राष्ट्रीय आंदोलन में छत्तीसगढ़ का योगदान और छत्तीसगढ़ का इतिहास
-भारत के संविधान
-सार्वजनिक प्रशासन

विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण:

-रसायन विज्ञान
-भौतिक विज्ञान
-जीवविज्ञान
-प्रौद्योगिकी
-वातावरण

अर्थशास्त्र और भूगोल:

-भारतीय अर्थशास्त्र
-भारत में योजना
-छत्तीसगढ़ का भूगोल
-छत्तीसगढ़ में अर्थशास्त्र
-कृषि, वन, उद्योग और छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक संसाधन

गणित और तार्किक क्षमता:

-तर्कसंगत संख्याएं
-निर्देशांक ज्यामिति
-कंप्यूटर
-डाटा विश्लेषण
-तार्किक विचार

दर्शन और समाजशास्त्र:

-भारतीय दर्शन और योग
-नागरिक शास्त्र
-छत्तीसगढ़ की जनजातियां
-छत्तीसगढ़ की कला
-छत्तीसगढ़ की संस्कृति