Himachal Pradesh Public Service Commission( HPPSC )

Himachal Pradesh Public Service Commission( HPPSC )


हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग, शिमला

  • हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा जिन सेवा और पदों पर समय-समय पर भर्तियां की जाती है उनमें प्रशासनिक सेवा, न्यायिक सेवा आदि शामिल है इनका संक्षिप्त विवरण निम्नप्रकार है-

परीक्षा और साक्षात्कार ' से की जाने वाली भर्तियां

(A)हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 'परीक्षा और साक्षात्कार ' से की जाने वाली भर्तियां।
1.हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा आदि।
2.हिमाचल प्रदेश न्यायिक सेवा।
3.हिमाचल प्रदेश वन सेवा।
4.फोरेस्ट रेन्जर।

सिर्फ 'परीक्षा' से की जाने वाली भर्तियां

(B) हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सिर्फ 'परीक्षा' से की जाने वाली भर्तियां।
1. राज्य लेखा सेवायें( L.D.D) S.A.S-L.A.D।
2.लिखित परीक्षा के आधार पर मेरिट से भर्ती।

साक्षात्कार एवं स्क्रीनिग' टेस्ट से की जाने वाली भर्तियां।

(C) हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 'साक्षात्कार एवं स्क्रीनिग' टेस्ट से की जाने वाली भर्तियां।
1.चिकित्सा अधिकारी(सामान्य विंग)।
2.चिकित्सा अधिकारी(डेन्टल)।
3.कॉलेज कैडर प्रवक्ता।
4.सहायक इंजीनियर( सिविल,मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल)।
5.असिस्टेंट जिला एटोर्नी(A.D.A)।
6.अन्य पद।

सिर्फ साक्षात्कार' से की जाने वाली भर्तियां।

(D) हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सिर्फ 'साक्षात्कार' से की जाने वाली भर्तियां।
1.सहायक प्रवक्ता विभिन्न मेडिकल और डेन्टल विभाग में।
2.सैन्य कल्याण निदेशक।
3.उप निदेशक सैन्य कल्याण।
4.कमान्डेन्ट होम गार्ड।
5.अन्य पद।

  • अभ्यर्थियों को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्था‍न से स्नातक कि डिग्री में उत्तीर्ण होना चाहिए। उम्मीदवारों कि आयु 21 से 35 वर्ष होनी चाहिए।
  • आरक्षित वर्ग में ओ.बी.सी. और SC/ST वर्ग को नियमानुसार आयु मे छूट लागू होगी।
  • प्रशासनिक जिम्मेदारियों में बिजली, सड़क, लोक व्यवस्था, न्याय व्यवस्था, आपूर्ति व्यवस्था, शिक्षा, कर, बाल और महिला कल्याण एवं एस.सी/एस.टी और पिछडा वर्ग कल्याण, पर्यटन, ग्रामीण विकास, परिवहन, चिकित्सा सेवा, लेखा सेवा, सैन्य कल्याण सेवा, वन सेवा से सम्बन्धि कार्य की जिम्मेदारियां होती है
  • प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा, लेखा सेवा, सहकारी सेवा, नियोजन कार्यालय सेवा, कारागार सेवा, उद्योग सेवा, बीमा सेवा, वाणिज्यिक कर सेवा, खाद्य एवं नागरिक रसद सेवा, पर्यटन सेवा, परिवहन सेवा, महिला एवं बाल विकास सेवा, ग्रामीण विकास, राज्य सेवा, महिला विकास सेवा, श्रम कल्याण सेवा पदों में बिजली, सड़क, लोक व्यवस्था, न्याय व्यवस्था, आपूर्ति व्यवस्था, शिक्षा, कर, बाल और महिला कल्याण एवं एस.सी/एस.टी और पिछडा वर्ग कल्याण से सम्बन्धित कल्याणकारी कार्य, पर्यटन, ग्रामीण विकास, परिवहन, चिकित्सा सेवा, लेखा सेवा, सैन्य कल्याण सेवा, वन सेवा से सम्बन्धित जॉब प्रोफाइल होते है।
  • जिसमें जिलें में प्रत्येक स्थान पर बिजली की आपूर्ति को संचालित करना, सड़क को बनाना और मरम्मत करवाना, नागरिको को भय मुक्त और स्वतंत्र वातावरण देना, न्याय व्यवस्था को संचालित करना, शिक्षा संस्थानों में शिक्षा को सब तक पहुचांना और शिक्षा के स्तर को उठाना ताकि भावी पीढ़ियां अच्छी बने, जिले में कर का संग्रह करना, बाल और महिला कल्याण के कार्य सुचारु रुप से देखना तथा एस.सी/एस.टी और पिछडा वर्ग कल्याण, पर्यटन, परिवहन, ग्रामीण विकास, चिकित्सीय सेवा, लेखा सेवा, सैन्य कल्याण सेवा, वन सेवा से सम्बन्धित कार्यो को पूर्ण करना होता है।

  • लोक सेवा आयोग द्वारा की जाने वाली भर्तियों में वेतनमान (पे-स्केल) 15600 से 39100 है और ग्रेड-पे 5400 है जो अलग- अलग सेवा और पदों के लियें भिन्न भी हो सकता है।

सिविल सेवा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए द्वारा निम्नलिखित अर्हता निर्धारित की गयी हैं-

1. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (U.G.C) की धारा 1956, द्वारा मान्यता प्राप्त, किसी राज्य अथवा केंद्रीय विश्वविद्यालय, या डीम्ड विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक अथवा समकक्ष की डिग्री।

2.एेसे छात्र जो स्नातक अथवा समकक्ष परीक्षा के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं या अंतिम वर्ष में हैं, वो प्रारंभिक परीक्षा में बैठ सकते है । लेकिन मुख्य परीक्षा में शामिल होने के पूर्व उन्हें आवेदन पत्र के साथ न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की डिग्री संलग्न करना आवश्यक है ।

3. विशेष परिस्थिति में आयोग एेसे छात्रों को भी परीक्षा में बैठने की अनुमति दे सकता है जो निर्धारित योग्यता धारण नहीं करते हैं लेकिन आयोग की नजर में उनकी डिग्री न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के समकक्ष है ।

4. पेशेवर और तकनीकी योग्यता वाले छात्र भी इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

5.एेसे अभ्यर्थी जो M.B.B.S के Final में हैं या जिनकी इंटर्नशिप अभी पूरी नहीं हुई है वो भी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। लेकिन साक्षात्कार के दौरान उन्हें पूरी डिग्री साक्षात्कार बोर्ड के समक्ष रखनी पड़ती है ।

 

 

एग्जाम पैटर्न


हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रशासनिक परीक्षा के तीन चरण है-
1.प्रारम्भिक परीक्षा( वस्तुनिष्ठ और बहुविकल्पीय)
2.मुख्य परीक्षा (व्याख्यात्मक, लिखित)
3.साक्षात्कार

प्रारम्भिक परीक्षा के दो प्रश्नपत्र होंगे-

प्रश्नपत्रविषयप्रश्नों की संख्याअंकसमयावधि
प्रश्नपत्र Iसामान्य अध्ययन1002002 घंटे 
प्रश्नपत्रIIसीसैट1002002 घंटे 

नेगेटिव मार्किंग: प्रत्‍येक उम्मीदवार की वस्तुनिष्ठ परीक्षा होगी, इसमें गलत जवाब पर 1/3 अंक की नेगेटिव मार्किंग की जाएगी।  

मुख्य परीक्षा के एक वैकल्पिक विषय के दो प्रश्नपत्र होंगे जो निम्नप्रकार है।

क्र. खंडविषय अंकसमयावधि
अनिवार्य प्रश्नपत्रअंग्रेजी1003 घंटे 
अनिवार्य प्रश्नपत्रहिन्दी1003 घंटे
अनिवार्य प्रश्नपत्रनिबन्ध1003 घंटे
अनिवार्य प्रश्नपत्रसामान्य अध्ययन1503 घंटे
अनिवार्य प्रश्नपत्रसामान्य अध्ययन1503 घंटे
अनिवार्य प्रश्नपत्रसामान्य अध्ययन1503 घंटे
वैकल्पिक विषयप्रश्नपत्र I1503 घंटे
वैकल्पिक विषयप्रश्नपत्रII1503 घंटे

एग्जाम में सफल होने के लिए रणनीति, सुझाव और तरकीब

पाठ्यक्रम


प्रारम्भिक परीक्षा

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र I
हिमाचल प्रदेश का इतिहास, भूगोल, राजनीति, कला और संस्कृति और सामाजिक आर्थिक विकास।
राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय वर्तमान घटनायें।
भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन।
भारत और विश्व भूगोल - भारत और विश्व का भौतिक, सामाजिक आर्थिक भूगोल।
भारतीय राजव्यवस्था और शासन- संविघान, राजव्यवस्था, पंचायती राज, लोक नीति, अधिकार से सम्बन्धित मुद्दे इत्यादि।
आर्थिक और सामाजिक विकास- सतत विकास गरीबी, जनसांख्यकीय, सामाजिक क्षेत्र में पहल इत्यादि।प‌रिरस्थितिकीय पर्यावरण के सामान्य मुद्दे, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन।
सामान्य ज्ञान।

प्रश्नपत्र II एप्टीटयूट टेस्ट (सिसैट)
पारस्परिक कुशलता सहित संचार कुशलता
लॉजिकल रीजनिंग और विश्लेषणात्मक क्षमता
निर्णय लेने और समस्या के समाधान की क्षमता
सामान्य मानसिक योग्यता
बेसिक संख्यात्मक कार्य, डेटा इंटरप्रिटेशन(चार्ट, ग्राफ, डाटा की प्रचुरता इत्यादि)
अंग्रजी भाषा कम्प्रीहेनशन कुशलता

मुख्य परीक्षा के अनिवार्य विषयों का पाठयक्रम-
अंग्रेजी
1.कम्प्रीहेनसन आफ इंग्लि‍स।
2.करेक्ट ग्रामेटिकल एक्सप्रेसन।
3.यूसेज एंड वोकेबलरी।
4.इंग्लिस कंपोजिसन।
5.प्रेसी राइटिंग।

हिन्दी
1.अंग्रेजी से हिन्दी में व्याख्या।
2.हिन्दी से अंग्रेजी में व्याख्या।
3.गद्य और कविता।
4.संयोजन।

निबन्ध
1.करेन्ट अफेयर्स और विषय का ज्ञान।
2.किसी विषय को निबन्ध के रुप में लिखने की क्षमता।
3.सामाजिक राजनीतिक मुद्दे।
4.इतिहास और संस्कृति के पहलु।

सामान्य अध्ययन -I
1.इतिहास, भूगोल और सामाजिक, आर्थिक प्रकार के बहुविकल्पीय प्रश्न।
2.वर्तमान देश और विदेश की जानकारी।
3.अनुभाग-2 इतिहास
4.अनुभाग-3 भूगोल
5.अनुभाग-3 समाज

सामान्य अध्ययन -II
1.अनुभाग-1 राजनीति, कला और संस्कृति पर बहुविकल्पीय प्रश्न।
2.अनुभाग-2 शासन, भारतीय संविधान और राजव्यवस्था।
3.अनुभाग-3 अंतर्राष्टीय संबन्ध।
4.अनुभाग-4 भारतीय अर्थव्यवस्था।
5.अनुभाग-5 सांख्कीय, विश्लेषण, ग्राफ आदि।

सामान्य अध्ययन -III
1.विज्ञान और प्रौधोगिकी पर आधारित।
2.अनुभाग-1 विज्ञान और प्रौधोगिकी।
3.अनुभाग-1 जैव विविधता और वातावरण।
4.अनुभाग-1 आचार सहिंता, निर्णय और समस्या समाधान करने की योग्यता।