मेक इन इंडिया मिशन के तहत बनी कलवरी पनडुब्बी दुश्मन की नजर से बचकर अचूक निशाना लगा सकती है। यह टॉरपीडो और एंटी शिप मिसाइल्स से हमले करने में भी सक्षम है। स्कॉर्पिन सीरिज की कुल 6 पनडुब्बियां देश में बनाने का प्लान है। इस पनडुब्बी का नाम टाइगर शार्क पर रखा गया है। कलवरी के बाद दूसरी पनडुब्बी खंदेरी की समुद्र में गतिविधि जून में शुरू हो चुकी है। तीसरी पनडुब्बी वेला को इसी साल पानी में उतारने का प्लान है। अन्य पनडुब्बियों को 2020 तक शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। भारत में 1999 में तैयार प्लान के मुताबिक 2029 तक 24 पनडुब्बियां बनाने का प्लान है। पहले प्रोजेक्ट के तहत स्कॉर्पिन क्लास की 6 पनडुब्बियों का निर्माण शुरू हुआ। अगले प्रोजेक्ट के तहत स्ट्रैटिजिक पार्टनरशिप मॉडल के दायरे में 6 पनडुब्बियां बनाई जाएंगी। स्कॉर्पिन पनडुब्बियों का प्रोजेक्ट मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) और फ्रांस की कंपनी नेवल ग्रुप (पूर्व में डीसीएनएस) के सहयोग से चलाया जा रहा है।

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