JPSC (JHARKHAND Public Service Commission)

 

झारखंड लोक सेवा आयोग,रांची

  • झारखंड राज्य बिहार के 18 जिलों को लेकर 15 नवंबर, 2000 को अस्तित्व में आया।
  • झारखंड लोक सेवा आयोग झारखंड के राज्यपाल द्वारा भारत के संविधान के अनुच्छेद 315 के प्रावधानों के तहत गठित किया गया था।
  • इसका मुख्यालय रांची में हैं। जिसका मुख्य कार्य झारखंड राज्य में विभिन्न पदों में भर्ती करना है।
  • इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं का संचालन करना और राज्य में साक्षात्कार के द्वारा राज्य के विभिन्न विभागों के लिये लोक सेवको का चयन करना होता है। और अपने इस कार्य को समय- समय पर आयोजित होने वाली परीक्षाओं के माध्यम से पूर्ण करता है।

 

  • उम्मीदवार किसी भी विषय में किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना चाहिए। तथा उम्मीदवार की आयु 21 से 35 वर्ष होनी चाहिये।
  • अन्य पिछड़ा वर्ग के पुरुष को और अन्य पिछड‍़ा वर्ग की महिला को 3 , तथा एसी.सी/एस.टी को 5 वर्ष की आयु में छूट होगी।
  • फूड सेफ्टी ऑफिसर, झारखण्ड राज्य प्रशासनिक सेवा, झारखण्ड राज्य पुलिस सेवा, झारखण्ड राज्य वित्त सेवा, झारखण्ड राज्यश्रम सेवा, प्रोबेशन सेवा, उत्पाद सेवा आदि सेवा पदों की अपनी-अपनी जिम्मेदारियां होती हैंं।
  • ये जिम्मेदारियां बिजली, सड़क, लोक व्यवस्था, न्याय व्यवस्था, आपूर्ति व्यवस्था, शिक्षा, कर, बाल और महिला कल्याण एवं एस.सी/एस.टी और पिछडा वर्ग कल्याण, पर्यटन, ग्रामीण विकास, परिवहन से संबंधित होती है।
  • प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा,लेखा सेवा, सहकारी सेवा, नियोजन कार्यालय सेवा, कारागार सेवा, उद्योग सेवा, बीमा सेवा, वाणिज्यिक कर सेवा, खाद्य एवं नागरिक रसद सेवा, पर्यटन सेवा, परिवहन सेवा, महिला एवं बाल विकास सेवा, ग्रामीण विकास, राज्य सेवा, महिला विकास सेवा, श्रम कल्याण सेवा पदों में बिजली, सड़क, लोक व्यवस्था, न्याय व्यवस्था, आपूति व्यवस्था, शिक्षा, कर, बाल और महिला कल्याण एवं एस.सी/एस.टी और पिछडा वर्ग कल्याण से सम्बन्धित कल्याणकारी कार्य से सम्बन्धित जॉब प्रोफाइल होते है।
  • जिलें में प्रत्येक स्थान पर बिजली की आपूर्ति को संचालित करना, सड़क को बनाना और मरम्मत करवाना, नागरिकों को भय मुक्त और स्वतंत्र वातावरण देना,
  • न्याय व्यवस्था को संचालित करना, शिक्षा संस्थानों में शिक्षा को सब तक पहुचांना और शिक्षा के स्तर को उठाना ताकि भावी पीढ़ियां अच्छी बने, जिले में कर का संग्रह करना, बाल और महिला कल्याण के कार्य सुचारु रुप से देखना तथा एस.सी/एस.टी और पिछडा वर्ग कल्याण,पर्यटन, परिवहन आदि से सम्बन्धित कार्यो को पूर्ण करना होता है 

     

 

  • झारखण्ड लोक सेवा आयोग द्वारा की जाने वाली भर्तियों में वेतनमान (पे-स्केल) 15600 से 34800 है। और ग्रेड-पे 5400 है।
  • जो अलग- अलग सेवा और पदों के लियें भिन्न भी हो सकता है।

 

 

सिविल सेवा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए द्वारा निम्नलिखित अर्हता निर्धारित की गयी हैं-

1. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (U.G.C) की धारा 1956, द्वारा मान्यता प्राप्त, किसी राज्य अथवा केंद्रीय विश्वविद्यालय, या डीम्ड विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक अथवा समकक्ष की डिग्री ।

2.एेसे छात्र जो स्नातक अथवा समकक्ष परीक्षा के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं या अंतिम वर्ष में हैं, वो प्रारंभिक परीक्षा में बैठ सकते है। लेकिन मुख्य परीक्षा में शामिल होने के पूर्व उन्हें आवेदन पत्र के साथ न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की डिग्री संलग्न करना आवश्यक है।

3. विशेष परिस्थिति में आयोग वैसे छात्रों को भी परीक्षा में बैठने की अनुमति दे सकता है जो निर्धारित योग्यता धारण नहीं करते हैं लेकिन आयोग की नजर में उनकी डिग्री न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के समकक्ष है ।

4. पेशेवर और तकनीकी योग्यता वाले छात्र भी इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं ।

5.एेसे अभ्यर्थी जो M.B.B.S के Final में हैं या जिनकी इंटर्नशिप अभी पूरी नहीं हुई है वो भी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। लेकिन साक्षात्कार के दौरान उन्हें पूरी डिग्री साक्षात्कार बोर्ड के समक्ष रखनी पड़ती है ।

 

एग्जाम पैटर्न

 


 

  • झारखण्ड लोक सेवा आयोग की परीक्षा के तीन चरण है-
    1.प्रारम्भिक परीक्षा( वस्तुनिष्ठ और बहुविकल्पीय)
    2.मुख्य परीक्षा (व्याख्यात्मक, लिखित)
    3.साक्षात्कार
 

 

  • जेपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा का पैटर्न अब बदल दिया है। यूपीएससी की तर्ज पर पहली बार पाठयक्रम में सी- सैट शामिल किया गया है।
  • आयोग द्वारा पाठयक्रम में यह कोई पहला बदलाव नहीं हैं। झारखण्ड लोक सेवा आयोग ने प्रारम्भिक परीक्षा की तरह मुख्य परीक्षा में भी वैकल्पिक प्रश्नपत्र की व्यवस्था खत्म कर इसके स्थान पर सिसैट को लागू कर किया है।
  • वैकल्पिक प्रश्नपत्र की वजह से स्केलिंग में होने वाली गड़बडि़यों को देखते हुए आयोग ने यह फैसला लिया।
  • प्रारम्भिक परीक्षा में अब पहला और दूसरा प्रश्नपत्र सिसैट का होगा।
प्रश्नपत्र विषय अंक समयावधि
प्रश्नपत्र I सामान्य अभिरुचि (सिविल सर्विसेस एप्टिटयूट टेस्ट- सीसैट) 200 2 घंटे 
प्रश्नपत्र I सामान्य अभिरुचि (सिविल सर्विसेस एप्टिटयूट टेस्ट- सीसैट) 200 2 घंटे 

 

 

 

  • झारखण्ड सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा में अब कुल 6 प्रश्नपत्र आएगें।
  • पहला प्रश्नपत्र सामान्य हिंदी और सामान्य अंग्रेजी का होगा। यह प्रश्नपत्र अनिवार्य और क्वालिफाइंग स्तर का होगा, जिसमें 30 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य हैं इसमें पास नहीं होने पर मुख्य परीक्षा के योग्य नही समझा जाएगा।
  • दूसरा प्रश्नपत्र भाषा (लैंग्वेज) और साहित्य (लिटरेचर) का होगा, जबकि बाकी चार प्रश्नपत्र सीसैट के होंगे। पहला व दूसरा प्रश्नपत्र जहां 100- 100 अंको के होगे, वहीं सीसैट के चार प्रश्नपत्र 200- 200 अंकों के होंगे।
  • इस तरह मुख्य परीक्षा 1000 अंकों की होगी, जबकि साक्षात्कार (पर्सनॉलिटी टेस्ट) के लिए 100 अंक निर्धारित किये गये हैं।
प्रश्नपत्र विषय अंक समयावधि
प्रश्नपत्र I सामान्य हिन्दी और सामान्य अंग्रेजी 100 3 घंटे
प्रश्नपत्र II भाषा और साहित्य 100 3 घंटे

प्रश्नपत्र III,IV,V VI

सीसैट के प्रश्नपत्र 200×4 3 घंटे (प्रत्येक प्रश्नपत्र में)
साक्षात्कार   100 45  मिनट

 

एग्जाम में सफल होने के लिए रणनीति, सुझाव और तरकीब

 

पाठ्यक्रम

 


 

 

 

 

  • प्रारम्भिक परीक्षा के सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र I में आने वाले विषय और उनमें आने वाले प्रश्नों की संख्या-

(A)भारतीय इतिहासः (15 प्रश्न)
1.प्राचीन भारत (5 प्रश्न)
2.मध्य भारत (5 प्रश्न)
3.आधुनिक भारत (5 प्रश्न)


(B)भारत का भूगोलः (10 प्रश्न)
1.सामान्य भूगोल (3 प्रश्न)
2.भौतिक भूगोल (3 प्रश्न)
3.आर्थिक भूगोल (2 प्रश्न)
4.सामाजिक और जनसंख्या भूगोल (2 प्रश्न)


(C)भारतीय राजनीति और शासनः (10 प्रश्न)
1.भारत का संविधान (4 प्रश्न)
2.लोक प्रशासन और सुशासन (4 प्रश्न)
3.विकेन्द्रीकरणःपंचायत और नगर निकाय (2 प्रश्न)

(D)आर्थिक और सतत विकासः (10 प्रश्न)
1.भारतीय अर्थव्यवस्था के आधारभूत विशेषताएं (4 प्रश्न)
2.सतत विकास और आर्थिक मुद्दे (4 प्रश्न)
3.आर्थिक सुधार और वैश्वीकरण (2 प्रश्न)

(E)विज्ञान और तकनीकः (15 प्रश्न)
1.सामान्य विज्ञान (6 प्रश्न)
2.कृषि और तकनीकि विकास (6 प्रश्न)
3.सूचना और संचार के साधन (3 प्रश्न)

(F)झारखण्ड के इतिहास, समाज, संस्कृति,विरासत (10 प्रश्न)
(G)राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रम (15 प्रश्न)
(H)विविध (15 प्रश्न)
हयूमन राइट्स
पर्यावरण संरक्षण, जैव-विविधता,
शहरीकरण
खेल
आपदा प्रबंधन
गरीबी और बेरोजगारी
पुरस्कार
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अन्तर्राष्ट्रीय संगठन

  • प्रारम्भिक परीक्षा के प्रश्नपत्र II , में भी प्रत्येक प्रश्न दो अंक का होगा। हिंदी व अंग्रेजी कंपरिहेंसिव से 15 प्रश्न, नॉलेज ऑफ हिंदी एंड अंग्रेजी ग्रामर से 10 प्रश्न, बेसिक न्यूमरेसी से 15 प्रश्न पूछे जायेंगे।
  • जनरल मेंटल एबिलिटी से 15 प्रश्न, लॉजिकल रिजनिंग एंड एनालिटिकल एबिलिटी पर 15 प्रश्न तथा इंटर पर्सनल स्किल एंड क्यूरिसी स्कील से 15 तथा डिसिजन मेकिंग एंड प्रॉब्लम सोल्व से 15 प्रश्न पूछे जायेंगे। सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ होगे और यह परीक्षा दो घंटे की होगी।

     

 

  • मुख्य परीक्षा के अनिवार्य प्रश्नपत्र में अंको का वितरण-
  • सामान्य हिन्दीः (50 अंक)
    इस प्रश्नपत्र में प्रश्न झारखण्ड विद्यालय परीक्षा समिति के माध्यमिक स्तर के होंगे। इस प्रश्नपत्र में सरल हिन्दी में अपने भावों को स्पष्टतः एवं शुद्ध रुप में व्यक्त करने की क्षमता और सहज बोधशक्ति की जांच की जायेगी।
  • सामान्य हिन्दीः अंकों का वितरण-
    निबंध (400 शब्दों में) 15 अंक
    व्याकरण 15 अंक
    वाक्य विन्यास 10 अंक
    संक्षेपण 10 अंक
  • General English: (50 marks)
    Essay(400 word s0 (15 marks)
    Grammar (15 marks)
    Comprehension (10 marks)
    Precis (10 marks)
  • I प्रश्नपत्र क्वालीफाइंग स्तर का होगा। इसमें 50-50 नंबर के अंग्रेजी और हिंदी के प्रश्नपत्र आएगें। कुल 100 अंकों की इस परीक्षा में क्वालीफाई करने के लिए 30 नंबर लाने अनिवार्य होंगे।
  • II प्रश्नपत्र लैंग्वेज व लिटरेचर का होगा इसमें 100 नंबर के इस प्रश्नपत्र में हिंदी, उर्दू, संस्कृत, उड़िया, बांग्ला व अंग्रेजी के अलावा नौ क्षेत्रीय भाषाओं में से किसी एक में परीक्षा दे सकते है।
  • III प्रश्नपत्र 200 अंकों में जनरल स्टडी का होगा। इसमें इतिहास और भूगोल से जुड़े प्रश्न पूछे जायेंगे।
  • IV प्रश्नपत्र 200 अंक का जनरल स्टडी का होगा। इसमें भारतीय संविधान, राजनीति शास्त्र से जुड़े प्रश्न पूछे जायेंगे।
  • V प्रश्नपत्र भी 200 अंकों का जनरल स्टडी का होगा। इसमें भारतीय अर्थव्यवस्था, वैश्विकरण, सतत विकास से जुड़े प्रश्न पूछे जायेंगे।
  • VI प्रश्नपत्र 200 अंकों में सामान्य विज्ञान का होगा। इसमें सामान्य विज्ञान, पर्यावरण, तकनीकी विकास से जुड़े प्रश्न पूछे जायेंगे। 
  • VII प्रश्नपत्र 100 अंक का साक्षात्कार का होगा।