Indian Navy

भारतीय नौसेना

  • भारतीय नौसेना, भारतीय सेना का सामुद्रिक अंग है जो अपने गौरवशाली इतिहास के साथ भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति की रक्षक है।
  • 55,000 नौसैनिकों से सुसज्जित यह विश्व की पाँचवी सबसे बड़ी नौसेना है।
  • भारतीय नौसेना भारतीय सीमा की सुरक्षा को प्रमुखता से निभाते हुए विश्व के अन्य प्रमुख मित्र राष्ट्रों के साथ सैन्य अभ्यास में भी सम्मिलित होती है।
  • सुप्रशिक्षित, दक्ष पेशेवर अफ़सरों के दल द्वारा इनका नेतृत्व किया जाता है।
  • भारतीय नौसेना भर्ती बोर्ड अपने देश और देश मे रह रहे लोगों की रक्षा करने के लिए समय समय निम्न पदों पर सैनिको की भर्ती करती है।
  • भारतीय नौसेना मे समय समय पर निम्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया का आयोजन विभिन्न रैंकों पर किया जाता है।
  • जिसमें हर एक पद के लिए अपनें अलग- अलग नियम और शर्तें होती हैं और साथ- साथ हर एक पोस्ट के लिए अलग-अलग वेतनमान होता है।
  • इसके अलावा शारीरिक मापदंड भी वही होते हैं जो सैनिकों की भर्ती के लिए होते हैं और इन्हें कड़े प्रशिक्षण से भी गुजरना पड़ता जैसा एक सैनिक बनने के लिए होता है।
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  • भारतीय नौसेना में सबसे बडा पद एडमिरल ऑफ़ फ्लीट का होता है।
  • इसमें एडमिरल, वाइस एडमिरल, रियर एडमिरल, कोमोडोर, कैप्टन, लेफ्टिनेंट कमांडर, लेफ्टिनेंट, सब-लेफ्टिनेंट नाविक से संबंधित पोस्ट आएंगी।
  • इन पदों मे आवेदन करने के लिए आपको इनकें नियम और शर्तों एवं पदों के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए आदि का ज्ञान होना अति आवश्यक है।
  • भारत की सीमा और देश के सभी नागरिकों की रक्षा करना उनका प्रथम कर्त्तव्य है एवं अपने से पद में उच्च अधिकारियों के आदशानुसार कार्य करने में आबद्ध है।
  • देश की सेवा में लग जाता है न कि दासता में। वैसे तो सभी भारतीय सैनिको का कर्त्तवय होता है
  • एक बार भारतीय नौसेना में शामिल हो जाने के बाद, व्यक्ति देश की सीमाओं की सुरक्षा में समर्पित हो जाता है। वह शपथ लेता है।
  • आयु सीमा-नौसेना में विभिन्न पदों के लिए आयु सीमा का निर्धारण भिन्न भिन्न होता है।
  • निम्नतम आयु सीमा 17 वर्ष एवं अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष निर्धारित की गई है।

  • भारतीय नौसेना मे विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग वेतनमान निर्धारित है। इन्हे केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित वेतनमान ही दिया जाता है।

  • भारतीय नौसेना मे नाविकों के लिए इंटरमीडिएट पास एवं अन्य पदों के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से BE/B. Tech में 60% अंकों के साथ पास होना आवश्यक है।

 

 

एग्जाम पैटर्न


  • भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए विभिन्न चरण आयोजित किए जातें हैं जो कि अलग-अलग पदों के लिए भिन्न भिन्न हो सकते है।
  • सामान्य तौर पर निम्न प्रक्रिया अपनाई जाती है- सेवा चयन बोर्ड/एसएसबी एसएसबी में पांच दिनों का चयन कार्यक्रम होता है,
  • उम्मीदवारों को एक दिन पहले दोपहर बाद तक सूचित करना होता है।
  • दोपहर/शाम को उन्हें अगले पांच दिनों के कार्यक्रम, आचार संहिता की विस्तृत जानकारी दी जाती है और उन्हें उम्र/शैक्षणिक योग्यता के प्रमाणपत्रों के सत्यापन समेत जरूरी दस्तावेजी काम पूरे करने होते हैं।
  • परीक्षण की विस्तृत जानकारी निम्न प्रकार से है

 पहले चरण की चयन प्रक्रिया में निम्नलिखित प्रविष्टियां शामिल हैं :

  • बुद्धि परीक्षा
  • चित्र बोध और विवरण जांच (पीडीपीटी): तस्वीर को तीस सेकंड के लिए दिखाया जाता है।
  • उम्मीदवार को एक मिनट में प्रत्येक चरित्र के बारे में मोटे तौर पर सात बुनियादी मानकों को नोट करना पड़ता है, जैसे चरित्रों की संख्या, उम्र, लिंग, स्वभाव, अतीत, वर्तमान और भविष्य से संबंधित कार्य.
  • चित्र का विवरण – 30 मिनट. इस चरण में बैच को अलग-अलग समूहों में बांटा जाता है।
  • प्रत्येक समूह में करीब 15 उम्मीदवार होते हैं। प्रत्येक उम्मीदवार को अपनी लिखित कहानी शब्दश: सुनानी पड़ती है।
  • इसके बाद दूसरे हिस्से में सभी उम्मीदवारों को आपस में एक-दूसरे के साथ चर्चा करनी पड़ती है और उन्हें कहानी के चरित्र तथा सार पर आम सहमति हासिल करनी पड़ती है।
  • एक बार सभी उम्मीदरवार जब इस चरण को पूरा कर लेते हैं, तब पहले चरण का नतीजा जारी किया जाता है।
  • कामयाब उम्मीदवारों को चरण – 2 की जांच के लिए रोक लिया जाता है और बाकी को सामान्य कमियों की संक्षिप्त जानकारी देकर वहां से चले जाने को कहा जाता है।
     

 मनोवैज्ञानिक जांच में निम्नलिखित चीजें शामिल हैं : 

  •  विषयक आत्मबोध जांच (Thematic Apperception Test,TAT). एक रिक्त चित्र समेत 12 चित्रों को 30 सेकेंड के लिए दिखाया जाता है।
  • किन वजहों से वैसी परिस्थिति बनी, इसे लेकर उम्मीदवारों को कहानी लिखने को कहा जाता है। वहां क्या हो रहा है और उसका नतीजा क्या होगा ?
  • चित्रों को 30 सेकेंड के लिए दिखाया जाता है और उन्हें चार मिनट में लिखने को कहा जाता है। रिक्त चित्र पर उन्हें अपनी पसंद के एक चित्र की कल्पना करने और उसी के आसपास एक कहानी लिखने को कहा जाता है।
  • शब्द संबंध जांच (डब्ल्यूएटी).इस जांच में प्रत्येक उम्मीदवारों को 15 सेकेंड के लिए एक के बाद एक 60 शब्दों की एक श्रृंखला दिखाई जाती है।
  • उम्मीदवारों को उसके दिमाग में आने वाली बात या विचार को लिखना पड़ता है।
  • स्थिति प्रतिक्रिया जांच (एसआरटी).इस टेस्ट के तहत रोजमर्रा जिंदगी से जुड़ी हुई 60 तरह की गतिविधियां शामिल की जाती हैं।
  • ये परिस्थितियां एक पुस्तिका में अंकित रहती हैं और उम्मीदवारों को वाक्यों को पूरा कर अपनी प्रतिक्रियाएं लिखने को कहा जाता है कि वे उन परिस्थितियों में पर कैसा महसूस करते हैं, सोचते हैं और करते हैं।
  • स्वयं का विवरण -15 मिनट.उम्मीदवार को अपने माता-पिता/अभिभावक, दोस्तों, शिक्षकों/वरिष्ठों की अलग-अलग संदर्भ पर राय के बारे में पांच अलग-अलग अनुच्छेद लिखने को कहा जाता है।

 इसमें निम्नलिखित शामिल हैं:

  •  समूह चर्चा। सामान्य हितों के विषयों (सामाजिक मुद्दों और वर्तमान घटनाओं) पर चर्चा की जाती है। यह एक अनौपचारिक चर्चा है, बहस नहीं. प्रत्येक विषय के लिए 20 मिनट का समय दिया जाता है। किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचने की आवश्यकता नहीं होती है।
  • समूह योजना अभ्यास (जीपीई). यह पांच चरणों में होता है जैसे, नमूने का विवरण, जीटीओ द्वारा कथा को पढ़ना, पांच मिनटों तक उम्मीदवारों द्वारा स्वयं पढ़ना, व्यक्तिगत लिखे समाधानों के लिए 10 मिनट और समूह चर्चा के लिए 20 मिनट शामिल है।
  • समूह समाधान को बोलना और एक निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचना जरूरी होता है।
  • प्रगतिशील समूह कार्य (पीजीटी). यह पहला बाहर का काम है।
  • कठिनाइयों के उत्तरोत्तर बढ़ते चरणों की चार बाधाओं के एक सेट को 40 से 50 मिनटों में पूरा करना होता है। समूह को संरचनाएं, मदद की सामग्री और भार प्रदान की जाती है।
  • समूह बाधा दौड़ (जीओआर). इस कार्य के तहत समूहों को सांप की तरह भार को ढोने वाली छह बाधाओं के एक सेट के साथ एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा किया जाता है।
  • अर्ध समूह कार्य (एचजीटी). इसमें प्रगतिशील समूह कार्य की तरह एक बाधा होती है जिसमें मदद की सामग्री और भार को ढोना पड़ता है।
  • समूह को दो उप समूहों में बांटा जाता है और उन्हें इस तरह से एक ही बाधा पर काम में लगाया जाता है कि जब एक समूह काम कर रहा हो तो दूसरे समूह को उसे देखने की इजाजत नहीं होती है।
  • प्रत्येक उप समूह को 15 मिनट का समय दिया जाता है।
  • व्याख्यान. यह एक व्यक्तिगत कार्य है और उम्मीदवार को समूह के सामने किसी एक विषय पर कुछ कहने को कहा जाता है।
  • उम्मीदवार को व्याख्यान कार्ड में दिए गए चार विषयों में से किसी एक विषय पर तीन मिनट के अंदर अपनी बात तैयार करनी पड़ती है।

  •  व्यक्तिगत बाधाएं. 10 बाधाओं के एक सेट का व्यक्तिगत तौर पर मुकाबला करना पड़ता है। बाधाएं एक से दस नंबर की होती हैं
  • जिनपर अलग-अलग अंक अंकित होते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को तीन मिनट का समय दिया जाता है।
  • कमांड कार्य. प्रगतिशील समूह कार्य की तरह एक बाधा वाले एक काम के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को कमांडर के तौर पर नामांकित किया जाता है।
  • अंतिम समूह कार्य. प्रगतिशील समूह कार्य के समान एक बाधा वाला काम दिया जाता है। इस काम को पूरा करने के लिए 15-20 मिनट का समय दिया जाता है।
  • दिन 3 और 4 साक्षात्कार – साक्षात्कार अधिकारी (आईओ) द्वारा निजी साक्षात्कार लिया जाता है।

     

 इसमें निम्नलिखित शामिल हैं:

  •  बोर्ड के उपाध्यक्ष द्वारा समापन भाषण
  • चर्चा।
  • परिणामों की घोषणा
  • रवानगी