सरकार ने सिविल सेवा परीक्षा के लिए अधिकतम आयु सीमा 32 वर्ष तय की

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Highlights

  • यूपीएससी ने 1 अगस्त, 2018 से सिविल सेवा परीक्षा के लिए अधिकतम आयु सीमा 32 साल तय कर दी है।

  • पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आयु सीमा 35 साल है और एससी और एसटी के प्रत्याशियों के लिए 37 साल है।

  • 32 साल अधिकतम आयु सीमा सामान्य वर्ग के लिए तय की गई है।
     

  • संघ लोक सेवा आयोग हर वर्ष देश में आईएएस, आईएफएस और आईपीएस सहित अन्य सेवाओं के लिए परीक्षा करवाता है।

UPSC AGE LIMIT 2018

केन्द्र सरकार ने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) की परीक्षा में बदलाव करते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। यूपीएससी ने 1 अगस्त, 2018 से सिविल सेवा परीक्षा के लिए अधिकतम आयु सीमा 32 साल तय कर दी है। केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने आज राज्यसभा में कहा कि सिविल सेवा परीक्षा के लिए 32 साल की सीमा तय हुई है। पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आयु सीमा 35 साल है। एससी और एसटी के प्रत्याशियों के लिए 37 साल है। बता दें संघ लोक सेवा आयोग हर वर्ष देश में आईएएस, आईएफएस और आईपीएस सहित अन्य सेवाओं के लिए परीक्षा करवाता है। यूपीएससी की परीक्षा तीन चरणों में ली जाती है, प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार में सिविल सेवा परीक्षा आयोजित होती है। बता दें 32 साल अधिकतम आयु सीमा सामान्य वर्ग के लिए तय की गई है।
 
कई दिनों से इस बात की अटकलें चल रही थी कि यूपीएससी के पैटर्न में बदलाव होने जा रहा है। संघ लोक सेवा आयोग अक्सर यूपीएससी के पैटर्न पर विचार करती रहती है। पाठकों को बता दें कि पिछले 17 मई को पीएमओ ने यूपीएससी को एक पत्र लिखकर फाउंडेशन के नंबरों के आधार पर चयनित आवेदकों को कैडर देने का सुझाव दिया था। हालांकि उस वक्त विपक्षी दलों ने मोदी सरकार के इस सुझाव पर कड़ा एतराज जताया था। ऐसा नहीं था कि ये सुझाव मोदी सरकार की तरफ से पहली बार आया था इससे पहले भी 1989 में इतिहासकार सतीश चंद्रा की अध्यक्षता  में बनी कमिटी ने  इस पर विचार करने को कहा था। तत्कालीन सरकार इस ने इस पर कोई विचार नहीं किया और सुझाव कमिटी केे फाइलों में उलझ कर रह गया।

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