वैष्‍णो देवी दर्शन के लिए एक दिन में जा सकेंगे केवल पचास हजार तीर्थयात्री

राष्‍ट्रीय हरित अधिकरण ने आदेश दिया है कि जम्‍मू में वैष्‍णो देवी दर्शन के लिए प्रतिदिन केवल पचास हजार तीर्थयात्रियों को ही अनुमति दी जाएगी। यह आदेश इस लिए दिया गया है कि ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। यदि संख्या तय सीमा से अधिक होती है तो तीर्थयात्रियों को कटरा या अर्द्धकुमारी में रोक दिया जाएगा। अधिकरण ने यह भी कहा है कि वैष्‍णों देवी की पैदल यात्रा करने वालों और बैट्री चालित कारों के लिए 24 नवंबर से नया रास्‍ता खोल दिया जाएगा। अधिकरण ने यह निर्देश दिया है कि इस नए रास्ते पर घोड़े और खच्चरों को लाने ले जाने की अनुमति नहीं होगी और पुराने रास्‍ते से भी इन्‍हें धीरे-धीरे हटा दिया जाना चाहिए। राष्‍ट्रीय हरित अधिकरण ने कटरा में सड़कों और बस स्‍टैंड पर गंदगी फैलाने वालों पर दो हजार रूपये का पर्यावरण शुल्‍क लगाने का आदेश दिया है। राष्‍ट्रीय हरित अधिकरण में कार्यकर्ता गौरी मोलखी ने एक याचिका दायर की थी जिसमें वैष्‍णों देवी यात्रा के रास्‍ते पर घोड़ों और खच्‍चरों को हटाने की मांग की थी।

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क्या है नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एक्ट 2010 के तहत स्थापित किया गया है ताकि पर्यावरणीय संरक्षण और इससे संबंधित किसी भी कानूनी अधिकार को लागू करने सहित वन और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण संबंधी मामलों का प्रभावी निपटान हो सके। यह बहु-अनुशासनात्मक मुद्दों से जुड़े पर्यावरणीय विवादों को संभालने के लिए आवश्यक विशेषज्ञता से लैस एक विशेष संस्था है। ट्रिब्यूनल द्वारा पर्यावरणीय मामलों में त्वरित पर्यावरणीय न्याय प्रदान किया जाएगा और यह उच्च न्यायालयों में मुकदमेबाजी के बोझ को कम करने में सहायता करेगा। ट्रिब्यूनल का मुख्यालय नई दिल्ली में है तथा भोपाल, पुणे, कोलकाता और चेन्नई में ट्रिब्यूनल के अन्य दफ्तर हैं।

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