RAS 2016 Exam Paper Analysis

राजस्थान पीसीएस (RAS-2016) प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए सवालों का विश्लेषण

राजस्‍थान लोक सेवा आयोग द्वारा 28 अगस्त, 2016 को  राजस्थान प्रशासनिक सेवा RAS, 2016 की प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन किया गया। इस बार प्रारंभिक परीक्षा में 3 लाख 3 हजार 721 अभ्यर्थियों ने अपना भाग्य आजमाया है। इस बार परीक्षा में उपस्थित अभ्यर्थियों का प्रतिशत 74.32 रहा है, जो आयोग में अभ्यर्थियों के विश्वास को दर्शाता है।

 

ज्यादातर सवालों का स्तर था ऊंचा

आयोग द्वारा इस परीक्षा में कुल 150 प्रश्न पूछे गए, जिनका पूर्णाक 200 है। इस बार प्रारंभिक परीक्षा में राजस्‍थान से संबंधित प्रश्नों की संख्या 45 के आसपास रही, जिनमें अभ्यर्थियों से राजस्‍थान सरकार की योजनाओं, नवीन नीतियों तथा राजस्‍थान के इतिहास, कला व संस्कृति के प्रश्न पूछे गए। ज्यादातर प्रश्नों का स्तर ऊंचा ही था।

रीजनिंग के सवाल थे आसान

समसामयिक एवं योजनाओं संबंधित प्रश्न उच्चस्तरीय थे। प्रश्नपत्र में 20 प्रश्न आंकिक योग्यता एवं मानसिक सचेतता (Reasoning) के थे। ये प्रश्न तुलनात्मक रूप से आसान रहे है। प्रश्नपत्र में 20 प्रश्न विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित पूछे गए, जिनमें इस बार परंपरागत प्रश्नों के बजाए समसामयिकी आधारित प्रश्नों की संख्या अधिक रही है।

भारतीय इतिहास से पूछे गए कम सवाल

इसमें खेलों से संबंधित योजनाओं के प्रश्न एवं भारतीय अर्थव्यवस्‍था आधारित प्रश्नों की संख्या ज्यादा थी। ये प्रश्न तुलनात्मक रूप से काफी स्तरीय थे। इनमें अभ्यर्थियों के ज्ञान का मूल्यांकन ज्यादा गहनता से किया है। भारतीय राजव्यवस्‍था आधारित प्रश्न भी स्तरीय थे। इनकी संख्या 10 के आसपास रही है। इस बार प्रश्नपत्र में भारतीय इतिहास, राष्ट्रीय आंदोलन एवं भूगोल से संबंधित प्रश्नों की संख्या काफी कम रही।

कट ऑफ रहेगा ऊंचा

 RAS, 2016 प्री का प्रश्नपत्र परंपरागत प्रश्नों पर आधारित विश्‍लेषण मूलक गहनता लिए हुएथा, जिसमें अभ्यर्थियों के ज्ञान का मूल्यांकन किया गया है। इस अभ्यर्थियों की संख्या एवं प्रश्न पत्र को लेते हुए सामान्य वर्ग का कट ऑफ 78±5 होने कीदसंभावना है। आयोग परीक्षा का परिणाम आगामी 29 सितंबर से पहले करेगा तथा मुख्य परीक्षा का आयोजन दिसंबर के अंतिम सप्ताह में होने की संभावना है। सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा में सफल होने की शुभकामनाएं।

  • यह विश्लेषण कोटा यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर डॉ धर्म सिंह मीणा द्वारा किया गया है।