रोल मॉडल की भी है अहमियत

Role Model is Vital

जब भी एक रोल मॉडल की बात उठती है, तो प्राचीन ग्रंथ महाभारत के एक किरदार एकलव्य का ध्यान बरबस दिमाग में आ जाता है। एकलव्य ने द्रोणाचार्य को अपना रोल मॉडल बनाकर अपने उद्देश्य को पूरा किया था। अक्सर जब भी हम कुछ करने के बारे में सोच रहे होते हैं, तो हमारे जेहन में कई तरह के सवाल उठते हैं जैसे- हम जीवन में क्या बनना चाहते हैं, किसकी तरह बनना चाहते हैं और क्यों? अपनी जिंदगी में हम क्या करते हैं, इसका इस बात से गहरा नाता होता है कि हम सचमुच क्या करना चाहते हैं, और इसका ताल्लुक इस बात से भी होता है कि हम अपनी जिंदगी में किसे अपना रोल मॉडल बनाते हैं। रोल मॉडल का महत्व तब सामने आता है जब आप किसी उद्देश्य को पूरा करने में मानसिक तौर पर खुद को कमजोर समझने लगते हैं। ऐसे समय पर आपका रोल मॉडल आपको प्रेरित करता है।

How to choose a Role Model?

यहां समझने वाली बात यह है कि हम जो बनना चाहते हैं तथा वह बनने के लिए हमने जो रोल मॉडल चुना है, क्या वे दोनों एक-दूसरे से मेल खाते हैं? यदि आपने अपना लक्ष्य चुन लिया है परन्तु आपका रोल मॉडल सही नहीं है, तो आपके लिए सही मंजिल तक पहुंचना मुश्किल भी हो सकता है। दरअसल हमारे रोल मॉडल हमारे लिए लाइट हाउस का काम करते हैं। वे गहरी अंधेरी रात में लाइट हाउस की लाइट की तरह चमचमाने वाली ऐसी रोशनी की तरह होते हैं, जो हमें हर दोराहे पर बताते रहते हैं कि सही रास्ता कैसे खोजा जा सकता है, ताकि जीवन के अनंत सुनसान सागर में हम भटक न जाएं।

Finding a Role Model!

हालांकि रोल मॉडल चुनना आसान नहीं होता है, लेकिन रोल मॉडल के लिए एक बात सामान्य होती है, वह है-व्यक्तित्व प्रभावकारी होना चाहिए। अपने लिए एक रोल मॉडल चुनते समय याद रखिए कि उसका जीवन चुनौतियों से भरा और उन चुनौतियों का डटकर सामना करने वाला होना चाहिए। यदि आपका रोल मॉडल दूसरों पर अमिट छाप छोड़ने वाला हुआ, तो उसकी छाप आप पर पड़ेगी ही और एक दिन ऐसा आएगा, जब आप दूसरे लोगों के लिए रोल मॉडल का काम करेंगे। रोल मॉडल ऐसा हो सकता है, जिसे देखकर आपको अपने जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिले और आप जब भी हताशा महसूस करें, तो अपने रोल मॉडल का अहसास करते ही आप में एक नई ऊर्जा का संचार हो जाए। ऐसा व्यक्ति जिसने कड़ी मेहनत और हिम्मत से सफलता हासिल की हो, उसे अपना रोल मॉडल मानने में किसी भी तरह की हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए, बशर्ते उसमें ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम करने का गुण भी हो।

Keep this things in mind

ध्यान रहे, हम जिसे भी जीवन में अपना रोल मॉडल चुनते हैं। वास्तव में हम उसके जैसा बनना चाहते हैं। इसलिए यह जरूरी नहीं कि हम जिससे भी प्रभावित हों, उसे ही अपना रोल मॉडल बना लें। यह याद रखना चाहिए कि रोल मॉडल की परछाई ही हमारे व्यक्तित्व पर पड़ती है। इसलिए किसी सकारात्मक व्यक्तित्व को ही अपना रोल मॉडल बनायें। इस तरह से अपने रोल मॉडल के सभी सकारात्मक पहलुओं को आत्मसात कर आप दूसरों के लिए एक बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं।


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