RPSC ( Rajasthan Public Service Commission )


राजस्थान लोक सेवा आयोग,अजमेर

  • राजस्थान लोक सेवा आयोग समय-समय पर राज्य में राजपत्रित पदों की विभिन्न भर्तियों के संचालन का कार्य करता है।
  • राजस्थान राज्य में  विभिन्न सेवा और पदों के स्थानान्तरण, पदोंन्नति, मौद्रक लाभ से सम्बन्धित कार्यो को समय-समय पर करता है।
  •  राजस्थान लोक सेवा आयोग का प्रधान कार्यालय या मुख्यालय अजमेर जिलें में है

 

RPSC-Accountant-Recruitment-Notification

 

  • शैक्षिणिक योग्यता में उम्मीदवारों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री होनी चाहिए।
  • आयु सीमा न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और अधिकतम उम्र 35 वर्ष होनी चाहिए। साथ ही राज्य में आरक्षित वर्ग के ओ.बी.सी. वर्ग को 3 वर्ष और SC/ST वर्ग को 5 वर्ष की छूट निर्धारित है। 
  • नोट- आयु में सीमा में अलग-अलग पद और सेवाओं के अनुसार बदलाव संभव है।
  • राजस्थान में विभिन्न प्रशासनिक सेवाओं की जिम्मेदारियों में बिजली, सड़क, लोक व्यवस्था, न्याय व्यवस्था, आपूर्ति व्यवस्था, शिक्षा, कर, बाल और महिला कल्याण एवं एस.सी/एस.टी और पिछडा वर्ग कल्याण, पर्यटन, ग्रामीण विकास, परिवहन से सम्बन्धित कार्यों की जिम्मेदारियां होती है।
  • राजस्थान में प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा,लेखा सेवा, सहकारी सेवा, नियोजन कार्यालय सेवा, कारागार सेवा, उद्योग सेवा, बीमा सेवा, वाणिज्यिक कर सेवा, खाद्य एवं नागरिक रसद सेवा, पर्यटन सेवा, परिवहन सेवा, महिला एवं बाल विकास सेवा, ग्रामीण विकास, राज्य सेवा, महिला विकास सेवा, श्रम कल्याण सेवा पदों में बिजली, सड़क, लोक व्यवस्था, न्याय व्यवस्था, आपूर्ति व्यवस्था, शिक्षा, कर, बाल और महिला कल्याण एवं एस.सी/एस.टी और पिछडे वर्ग कल्याण से सम्बन्धित कल्याणकारी कार्य से सम्बन्धित जॉब प्रोफाइल होते है।
  • जिलें में प्रत्येक स्थान पर बिजली की आपूर्ति को संचालित करना, सड़क को बनाना और मरम्मत करवाना, नागरिको को भय मुक्त और स्वतंत्र वातावरण देना, न्याय व्यवस्था को संचालित करना, शिक्षा संस्थानों में शिक्षा को सब तक पहुचांना और शिक्षा के स्तर को उठाना ताकि भावी पीढ़ियां अच्छी बने, जिले में कर का संग्रह करना, बाल और महिला कल्याण के कार्य सुचारु रुप से देखना तथा एस.सी/एस.टी और पिछडा वर्ग कल्याण,पर्यटन, परिवहन आदि से सम्बन्धित कार्यो को पूर्ण करना होता है।
 

 

  • लोक सेवा आयोग द्वारा की जाने वाली भर्तियों में वेतनमान (पे-स्केल) 5200 से 20200 है और ग्रेड-पे 1900, 2400, 3200 आदि है जो अलग- अलग सेवा और पदों के लियें भिन्न भी हो सकता है। 

 

 

सिविल सेवा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए निम्नलिखित अर्हता निर्धारित की गयी हैं-

1. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (U.G.C) की धारा 1956, द्वारा मान्यता प्राप्त, किसी राज्य अथवा केंद्रीय विश्वविद्यालय, या डीम्ड विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक अथवा समकक्ष की डिग्री।

2. एेसे छात्र जो स्नातक अथवा समकक्ष परीक्षा के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं या अंतिम वर्ष में हैं, वो प्रारंभिक परीक्षा में बैठ सकते है। लेकिन मुख्य परीक्षा में शामिल होने के पूर्व उन्हें आवेदन पत्र के साथ न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की डिग्री संलग्न करना आवश्यक है ।

3. विशेष परिस्थिति में आयोग एेसे छात्रों को भी परीक्षा में बैठने की अनुमति दे सकता है जो निर्धारित योग्यता धारण नहीं करते हैं लेकिन आयोग की नजर में उनकी डिग्री न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के समकक्ष है।

4. पेशेवर और तकनीकी योग्यता वाले छात्र भी इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

5. एेसे अभ्यर्थी जो M.B.B.S के Final में हैं या जिनकी इंटर्नशिप अभी पूरी नहीं हुई है वो भी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। लेकिन साक्षात्कार के दौरान उन्हें पूरी डिग्री साक्षात्कार बोर्ड के समक्ष रखनी पड़ती है ।

 

 

 

एग्जाम पैटर्न


राजस्थान लोक सेवा आयोग की परीक्षा के तीन चरण है-

  • प्रारम्भिक परीक्षा (वस्तुनिष्ठ और बहुविकल्पीय)
  • मुख्य परीक्षा (व्याख्यात्मक, लिखित)
  • साक्षात्कार

  • राजस्थान लोक सेवा आयोग ने राजस्थान राज्य तथा अधीनस्थ सेवा सयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा। यह परीक्षा आम तौर पर राजस्थान पीसीएस प्रारभिक परीक्षा 2013 के नाम से जानी जाती है।
  • इस परीक्षा के माध्यम से ही मुख्य परीक्षा के ‌‌लिए योग्य अभ्यर्थियो का चयन किया जाता है।
  • राजस्थान पीसीएस प्रारभिक परीक्षा मे सामान्य ज्ञान व सामान्य विज्ञान पर आधारित एक वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र होगा।
  •  प्रश्नपत्र 200 अंको का होगा और इसकी अवधि 3 घंटे की होगी। प्रश्नपत्र मे 150 प्रश्न पूछे जाएंगे और सभी प्रश्न समान अंक के होंगे।
  • परीक्षा मे नकारात्मक अंकन का प्रावधान रखा गया है हर गलत उत्तर के लिए एक-तिहाई अंक काटे जाएंगे। यह प्रारंभिक परीक्षा स्क्रीनिग टेस्ट की भांति होगी। इसमे पूछे जाने वाले प्रश्न स्नातक स्तर के होगे।
क्क्र. खंडविषयअंकसमयावधि
1.सामान्य ज्ञान व सामान्य विज्ञान200 3घटे

 

 

   

  • राजस्थान पी्.सी.एस की मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के तीन प्रश्नपत्र होते है, जिनको सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र एक, दो, तीन के नाम से जाना जाता है चौथा प्रश्नपत्र सामान्य हिन्दी और सामान्य अंग्रेजी का होता है, इन सभी प्रश्नपत्रो मे प्रत्येक का अंक 200 होता है।
क्र. खंडविषय अंकसमयावधि
प्रश्नपत्र Iसामान्य अध्ययन-I2003 घटे
प्रश्नपत्र IIसामान्य अध्ययन-II2003 घटे
प्रश्नपत्र IIIसामान्य अध्ययन-III2003 घटे
प्रश्नपत्र IVसामान्य हिन्दी और सामान्य अंग्रेजी2003 घटे
  • मुख्य परीक्षा मे प्रविष्ट किये जाने वाले अभ्यर्थियो की संख्या, विभिन्न सेवाओं और पदों की उस वर्ष मे भरी जाने वाली रिक्तियो (प्रवर्गवार) की कुल अनुमानित संख्या का 15 गुणा होगी, किन्तु उक्त रेज मे उन समस्त अभ्यर्थियो को, जिन्होंने अंको का वही प्रतिषत प्राप्त किया है, जैसा आयोग द्वारा किसी निम्नतर रेज के लिए नियत किया जाये, उसके अनुसार मुख्य परीक्षा मे प्रवेश दिया जायेगा।
  • लिखित परीक्षा मे  चार प्रश्न-पत्र होगे जो वर्णनात्मक/विष्लेषणात्मक होगे। अभ्यर्थी को सूचीबद्ध समस्त प्रश्नपत्र देने होगे जिनमे संक्षिप्त, मध्यम, दीर्घ उत्तर वाले  और वर्णनात्मक प्रकार के प्रश्नों वाले प्रश्न पत्र भी होगे। सामान्य हिन्दी और सामान्य अंग्रेजी का स्तरमान सीनियर सैकेण्डरी स्तर का होगा। प्रत्येक प्रश्नपत्र के लिए 3 घण्टे का समय दिया जायेगा।

 

3

जॉब अलर्ट और समाचार

+

एग्जाम में सफल होने के लिए रणनीति, सुझाव और तरकीब

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पाठ्यक्रम


 

राजस्थान का इतिहास, कला,संस्कृति,साहित्य,परम्परा, एवं विरासत

. राजस्थान के इतिहास की महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं प्रमुख राजवंश, उनकी प्रशासनिक व राजस्व
व्यवस्था। सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दे,
. स्वतंत्रता आन्दोलन, जनजागरण व राजनीतिक एकीकरण
. स्थापत्य कला की प्रमुख विशेषताएं- किले एवं स्मारक
. कलाएँ, चित्रकलाएँ और हस्तशिल्प
. राजस्थानी साहित्य की महत्त्वपूर्ण कृतियां, क्षेत्रीय बोलियां
. मेले, त्यौहार, लोक सगीत एवं लोक नृत्य
. राजस्थानी संस्कृति, परम्परा एवं विरासत
. राजस्थान के धार्मिक आन्दोलन, संत एवं लोक देवता
. महत्त्वपूर्ण पर्यटन स्थल
. राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व


भारत का इतिहास
प्राचीनकाल एवं मध्यकाल:-
. प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत के इतिहास की प्रमुख विशेषताएं एवं महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
. कला, संस्कृति, साहित्य एवं स्थापत्य
. प्रमुख राजवंश, उनकी प्रशासनिक सामाजिक व आर्थिक व्यवस्था। सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दें, प्रमुख आन्दोलन

आधुनिक काल:-आधुनिक भारत का इतिहास (18वीं शताब्दी के मध्य से वर्तमान तक)- प्रमुख घटनाएं, व्यक्तित्व एवं मुद्दे
. स्वतंत्रता संघर्ष एवं भारतीय राष्ट्रीय आन्दालेन- विभिन्न अवस्थाएं, इनमे देश के विभिन्न क्षेत्रों के योगदानकर्ता एवं उनका योगदान
. 19वीं एवं 20वीं शताब्दी मे सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आन्दोलन
. स्वातत्र्योत्तर काल मे राष्ट्रीय एकीकरण एवं पुनर्गठन

विश्व एवं भारत का भूगोल


विश्व का भूगोल
. प्रमुख भौतिक विशेषताएं
. पर्यावरणीय एवं पारिस्थितिकीय मुद्दे
. वन्य जीव-जन्तु एवं जैव-विविधता
. अन्तर्राष्ट्रीय जलमार्ग
. प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र

भारत का भूगोल
. प्रमुख भौतिक विशेषताएं और मुख्य भू-भौतिक विभाजन
. कृषि एवं कृषि आधारित गतिविधियां
. खनिज-लोहा, मैगनीज, कोयला, खनिज तेल और गैस, आणविक खनिज
. प्रमुख उद्योग एवं औद्योगिक विकास
. परिवहन - मुख्य परिवहन मार्ग
. प्राकृतिक संसाधन
. पर्यावरणीय समस्याएं तथा पारिस्थितिकीय मुद्दे

राजस्थान का भूगोल
. प्रमुख भौतिक विशेषताएं और मुख्य भू-भौतिक विभाग
. राजस्थान के प्राकृतिक संसाधन
. जलवायु, प्राकृतिक वनस्पति, वन, वन्य जीव-जन्तु एवं जैव-विविधता
. प्रमुख सिंचाई परियोजनाएं
. खान एवं खनिज सम्पदाएं.
. जनसंख्या
. प्रमुख उद्योग एवं औद्योगिक विकास की सम्भावनाएं


भारतीय संविधान, राजव्यवस्था एवं शासन प्रणाली


संवैधानिक विकास एवं भारतीय संविधान 
भारतीय शासन अधिनियम- 1919 एवं 1935, संविधान सभा, भारतीय संविधान की प्रकृति, प्रस्तावना (उद्देश्यिका), मौलिक अधिकार, राज्य के नीति निर्देषक सिद्धांत, मौलिक कर्तव्य, संघीय ढांचा, संवैधानिक संशोधन, आपातकालीन प्रावधान,जनहित याचिका और न्यायिक पुनरावलोकन।

भारतीय राजव्यवस्था एवं शासन
. भारत राज्य की प्रकृति, भारत मे लोक तंत्र, राज्यों का पुनर्गठन, गठबधन सरकारें, राजनीतिक दल,
राष्ट्रीय एकीकरण
. संघीय एवं राज्य कार्यपालिका, संघीय एवं राज्य विधान मण्डल, न्यायपालिका
. राष्ट्रपति, संसद, सर्वोच्च न्यायालय, निर्वाचन आयोग, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, योजना आयोग,
राष्ट्रीय विकास परिषद, मुख्य सर्तकता आयुक्त, मुख्य सूचना आयुक्त, लोकपाल एवं राष्टीय
मानवाधिकार आयोग
. स्थानीय स्वायत्त शासन एवं पंचायती राज

लोक नीति एवं अधिकार
. लोक कल्याणकारी राज्य के रूप मे राष्ट्रीय लोकनीति
. विभिन्न विधिक अधिकार एवं नागरिक अधिकार-पत्र


राजस्थान की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था
. राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राज्य विधानसभा, उच्च न्यायालय, राजस्थान लोक सेवा आयोग, जिला प्रशासन,
राज्य मानवाधिकार आयोग, लोकायुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग, राज्य सूचना आयोग
. लोक नीति, विधिक अधिकार एवं नागरिक अधिकार-पत्र

अर्थशास्त्रीय अवधारणाएं एवं भारतीय अर्थव्यवस्था
अर्थशास्त्र के मूलभूत सिद्धान्त:-
. बजट निर्माण, बैंकिग, लोक-वित्त, राष्ट्रीय आय, संवृद्धि एवं विकास का आधारभूत ज्ञान
. लेखाकन- अवधारणा, उपकरण एवं प्रशासन मे उपयोग
. स्टॉक एक्सचेंज एवं शेयर बाजार
. राजकोषीय एवं मौद्रिक नीतियां
. सब्सिडी, लोक वितरण प्रणाली
. ई-कामर्स
. मुद्रास्फीति- अवधारणा, प्रभाव एवं नियंत्रण तंत्र
आर्थिक विकास एवं आयोजन:-
. पंचवर्षीय योजना -लक्ष्य, रणनीति एवं उपलब्धियां

अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्र

कृषि, उद्योग, सेवा एवं व्यापार, वर्तमान स्थिति, मुद्दे एवं पहलू
. प्रमुख आर्थिक समस्याएं एवं सरकार की पहल, आर्थिक सुधार एवं उदारीकरण

मानव ससाधन एवं आर्थिक विकास
. मानव विकास सूचकांक
. गरीबी एवं बेरोजगारी-अवधारणा, प्रकार, कारण, निदान एवं वर्तमान फ्लेगशिप योजनाएं
. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता-कमजोर वर्गों के लिए प्रावधान

राजस्थान की अर्थव्यवस्था
. अर्थव्यवस्था का वृहत् परिदृश्य
. कृषि, उद्योग सेवा क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे
. संवृद्धि, विकास एवं आयोजना
. आधारभूत-संरचना एवं संसाधन
. प्रमुख विकास परियोजनायें
. कार्यक्रम एवं योजनाएं-अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछडा वर्ग, अल्पसख्यकों, निःशक्तजनों,
निराश्रितों, महिलाओं, बच्चों, वृद्धजनों, कृषकों एवं श्रमिकों के लिए राजकीय कल्याणकारी याजेनाएं

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
. विज्ञान के सामान्य आधारभूत तत्व
. इलेक्ट्रानिक्स, कम्प्यूटर्स, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी
. उपग्रह एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी
. रक्षा प्रौद्योगिकी
. नैनो-प्रौद्योगिकी
. मानव शरीर, आहार एवं पोषण, स्वास्थ्य देखभाल
. पर्यावरणीय एवं पारिस्थिकीय परिवर्तन एवं इनके प्रभाव
. जैव-विविधता, जैव-प्रौद्योगिकी एवं अनुवांशिकीय-अभियांत्रिकी
. राजस्थान के विशेष सदर्भ मे कृषि-विज्ञान, उद्यान-विज्ञान, वानिकी एवं पशुपालन
. राजस्थान मे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विकास

तार्किक विवेचन एवं मानसिक योग्यता
तार्किक दक्षता (निगमनात्मक, आगमनात्मक, अपवर्तनात्मक)-
. कथन एवं मान्यतायें, कथन एवं तर्क, कथन एवं निष्कर्ष, कथन-कार्यवाही
. विश्लेषणात्मक तर्कक्षमता

मानसिक योग्यता
. संख्या श्रेणी, अंक्षर श्रेणी, बेमेल छांटना कूटवचन (कोडिग-डीकोडिग), संबंधों, आकृतियों एवं उनके
उपविभाजन से जुडी समस्याएं

आधारभूत संख्यात्मक दक्षता
. गणितीय एवं सांख्यकीय विश्लेषण का प्रारम्भिक ज्ञान
. संख्या से जुडी समस्याएं व परिमाण का क्रम, अनुपात तथा समानुपात, प्रतिशत, साधारण एवं चक्रवृद्धि
ब्याज,आकडों का विश्लेषण (सारणी, दण्ड-आरेख, रेखाचित्र, पाई-चार्ट)

समसामयिक घटनाएं
. राजस्थान राज्यस्तरीय, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की प्रमुख समसामयिक घटनाएं एवं मुद्दे
. वर्तमान मे चर्चित व्यक्ति एवं स्थान
. खेल एवं खेलकूद संबधी गतिविधि 

 

राजस्थान पी्.सी.एस की मुख्य परीक्षा के पाठयक्रम के 4 प्रश्नपत्र होते है

 

समान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन
राजस्थान का इतिहास, कला, संस्कृति, साहित्य, परम्परा एवं विरासत
. राजस्थान के इतिहास की महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं प्रमुख राजवंश, उनकी प्रशासनिक व
राजस्व व्यवस्था। सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दे,
. स्वतंत्रता आन्दोलन, जनजागरण व राजनीतिक एकीकरण
. स्थापत्य कला की प्रमुख विशेषताएं- किले एवं स्मारक
. कलाएं, चित्रकलाएं और हस्तशिल्प
. राजस्थानी साहित्य की महत्त्वपूर्ण कृतियां। क्षेत्रीय बोलियां
. मेले, त्यौहार, लोक सगीत एवं लोक नृत्य
. राजस्थानी संस्कृति, परम्परा एवं विरासत
. राजस्थान के धार्मिक आन्दोलन, संत एवं लोक देवता
. महत्त्वपूर्ण पर्यटन स्थल
. राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व

भारत का इतिहास
प्राचीनकाल एवं मध्यकाल:
. प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत के इतिहास की प्रमुख विशेषताएं एवं महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
. कला, संस्कृति, साहित्य एवं स्थापत्य
. प्रमुख राजवंश, उनकी प्रशासनिक सामाजिक व आर्थिक व्यवस्था। सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दे,
प्रमुख आन्दोलन
. प्राचीन भारतीय सांस्कृतिक व्यवस्था एवं आदर्श- वर्ण व्यवस्था, आश्रम व्यवस्था, सस्कार व्यवस्था,
पुरुषार्थ, ऋण एवं ऋत का सिद्धात
. धर्म/पंथ निरपेक्षता, धार्मिक सहिष्णुता एवं धार्मिक एकता
आधुनिक काल:
. आधुनिक भारत का इतिहास - लगभग 18वीं शताब्दी मध्य से वर्तमान तक - प्रमुख घटनाएं,
व्यक्तित्व एवं मुद्दे
. स्वतत्रता संघर्ष एवं भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन -इसके विभिन्न चरण व देश के विभिन्न भागो
के प्रमुख योगदानकर्ता/योगदान
. 19वीं एवं 20वीं शताब्दी मे सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आन्दोलन
. स्वातत्र्योत्तर काल मे राष्ट्रीय एकीकरण एवं पुनर्गठन

आधुनिक विश्व का इतिहास
. पुनर्जागरण एवं सुधार
. अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम
. औद्योगिक क्रान्ति, फ्रांसीसी क्रान्ति एवं रूसी क्रान्ति
. एशिया एवं अफ्रीका मे साम्राज्यवाद एवं उपनिवेशवाद
. प्रथम एवं द्वितीय विश्व-युद्ध

भारतीय संविधान, राजव्यवस्था एवं शासन
. भारत का संविधान: ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएं, संशोधन, महत्वपूर्ण प्रावधान एवं
मूलभूत ढांचा
. भारतीय राजनीति के निर्धारक तत्व एवं प्रकृति, निर्वाचन एवं मतदान व्यवहार, गठबंधन सरकारे
. ससदीय शासन व्यवस्था.
. संघीय गतिशीलता
. न्यायिक पुनरावलोकन
. राष्ट्रीय एकीकरण की चुनौतियां

राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था
.राजस्थान का प्रशासनिक ढांचा और प्रशासनिक संस्कृति
. विभिन्न अधिकार एवं नागरिक अधिकार पत्र

अर्थशास्त्रीय अवधारणाएं व भारतीय अर्थव्यवस्था
. लेखाकनः- वित्तीय विवरणो के विश्लेषण की विधियां, कार्यशील पूंजी का प्रबन्धन
. अंकेक्षणः- आशय, उद्देश्य, कपट एवं त्रुटियो की पड़ताल, आंतरिक नियत्रण, सामाजिक अंकेक्षण, प्रोप्राइटी अंकेक्षण, कार्य निष्पादन अंकेक्षण, दक्षता अंकेक्षण
. आय-व्यंयकः- बजटिंग के प्रकार, बजट पर नियंत्रण, उत्तरदायी लेखांकन, सामाजिक लेखांकन, घाटे के विभिन्न प्रकार- बजटीय, राजकोषीय एवं राजस्व घाटा
. अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रः- कृषि, उद्योग, सेवा एवं व्यापार - वर्तमान स्थिति, मुद्दे एवं पहलू
. बैंकिगः- वाणिज्यिक बैंको के कार्य, गैर निष्पादित परिसम्पत्तियों के मुद्दे, वित्तीय समावेशन
. प्रमुख आर्थिक समस्याएं एवं सबद्ध राजकीय पहलू
. वृद्धि, विकास एवं आयोजन- मुद्दे, प्रवृत्तियां एवं पहलू: तीव्र, समावेशी एवं सम्पोषणीय संवृद्धि,

संवृद्धि के सकेतक
. लोक वित्त, मौद्रिक नीतियां, मुद्रा स्फीति एवं नियंत्रण तंत्र, रेपो दर, रिवर्स रेपो दर, नकद आरक्षित अनुपात (CRR) व साविधिक तरलता अनुपात (SLR) भारत मे कर सुधार, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर सुधार, सब्सिडी -सब्सिडी के नकद हस्तान्तरण का मुद्दे।
. मुद्रा पूर्ति की अवधारणा एवं उच्च शक्ति मुद्रा
. खाद्य सुरक्षा एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS)
. विदेशी पूंजी की भूमिका - भारतीय अर्थव्यवस्था मे बहुराष्ट्रीय कपनियां
. निवेश एवं विनिवेश नीतियां
. भारतीय आर्थिक सुधारो की नवीन धाराएं
. रिजर्व बैंक, सेबी एवं योजना आयोग की भूमिका एवं कार्य

राजस्थान की अर्थव्यवस्था
. राजस्थान की अर्थव्यवस्था का वृहद् परिदृश्य
. कृषि, औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे
. राजस्थान के विशेष सदर्भ मे संवृद्वि, विकास एवं आयोजना
. आधारभूत संरचना एवं संसाधन, राजस्थान की अर्थव्यवस्था की उच्च संवृद्धि दर के स्रोत
. राजस्थान की मुख्य विकासात्मक परियोजनाएं
. राज्य के रूपान्तरण मे लोक एवं निजी सहभागिता का प्रतिदर्श
. राज्य का जनांकिकीय परिदृश्य संविधान और इसके प्रभाव


विश्व एवं भारत का भूगोल
विश्व का भूगोल:
. प्रमुख भौतिक विशेषताएं
. पर्यावरणीय एवं पारिस्थितिकीय मुद्दे
. वर्तमान भू-राजनीतिक संघर्ष क्षेत्र

भारत का भूगोल
. प्रमुख भौतिक विशेषताएं एवं भू-भौतिकीय विभाजन
. पर्यावरणीय एवं पारिस्थितिकीय मुद्दे
. प्राकृतिक ससाधन

राजस्थान का भूगोल
. मुख्य भौगोलिक क्षेत्र
. प्राकृतिक वनस्पति
. पशु सम्पदा, वन्य-जीव एवं इनका संरक्षण
. कृषि-जलवायु क्षेत्र
. धात्विक तथा अधात्विक खनिज
. ऊर्जा के संसाधन-परम्परागत एवं गैर-परम्परागत
. जनसंख्या एवं जनजातियां 

समान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन
तार्किक विवेचन एवं मानसिक योग्यता
तार्किक दक्षता (निगमनात्मक, आगमनात्मक, अपवर्तनात्मक):-
. कथन एवं मान्यताएं, कथन एवं तर्क, कथन एवं निष्कर्ष, कथन-कार्यवाही
. विश्लेषणात्मक तर्कक्षमता

मानसिक योग्यता
. संख्या श्रेणी, अंक्षर श्रेणी, बेमेल छांटना, कूटवचन (कोडिग-डीकोडिग), संबधों आकृतियों एवं  उनके उपविभाजन से जुडी समस्याएं, वेन आरेख आधारभूत संख्यात्मक दक्षता (गणितीय एवं सांख्यकीय विश्लेषण का प्रारम्भिक ज्ञान):-
. संख्या पद्धति, संख्या से जुडी समस्याएं व परिमाण की कोटि, अनुपात तथा समानुपात, मिश्र अनुपात, प्रतिशत, औसत, महत्तम समापवर्तक (म.स.प.), लघुत्तम समापवर्तक (ल.स.प.), वर्गमूल, घनमूल, समय तथा कार्य, समय, चाल एवं दूरी, साधारण एवं चक्रवृद्धि ब्याज, समतलीय ज्यामितीय आकृतियों का क्षेत्रफल और परिमाप
. आकडो का विष्लेषण (सारणी, दण्ड-आरेख, रेखाचित्र, पाई-चार्ट) एवं वर्गीकृत आंकडो की व्याख्या, सैम्पलिग, प्रायिकता, सरल रेखीय प्रतिगमन तथा सहसंबंध, आधारी बंटन (द्विपद,
प्वायसन तथा प्रसामान्य)।

सामान्य विज्ञान व प्रौद्योगिकी
. सामान्य एवं दैनिक विज्ञान
. भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान तथा जीव-विज्ञान के आधारभूत तत्व।
. कम्प्यूटर की प्रारम्भिक जानकारी एवं सूचना प्रौद्योगिकी का प्रशासन मे उपयोग, ई-शासन,

ई-कॉमर्स
. आहार एवं पोषण, स्वास्थ्य देखभाल
. पर्यावरण से संबंधित सामान्य मुद्दे, पारिस्थितिकीय परिक्षण, प्राकृतिक संसाधनो का संरक्षण,

वन्य-जीव एवं जैव-विविधता
. भारत के विशेष सदर्भ मे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास मे वैज्ञानिकों का योगदान
. भारत के विकास में विज्ञान एवं प्राद्यौगिकी का महत्व
. महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकीय अवधारणायें तथा प्रगति:-
. सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी
. अन्तरिक्ष प्रौद्योगिकी एवं रोबोटिक्स
. विधि-विज्ञान प्रौद्योगिकी
. आहार एवं पोषण प्रौद्योगिकी
. नैनो प्रौद्योगिकी
. जैव प्रौद्योगिकी
. रक्षा प्रौद्योगिकी
. अन्य आधुनिक प्रौद्योगिकियां व खोज
. बौद्धिक सम्पदा अधिकार से संबद्ध प्रौद्योगिकीय मुद्दे
. राजस्थान के विशेष सदर्भ मे कृषि-विज्ञान, उद्यान-विज्ञान, वानिकी, डेयरी एवं पशुपालन
. राजस्थान की विभिन्न वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकीय परियोजनाएं 

सामान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन
समसामयिक घटनाएं
. राजस्थान राज्यस्तरीय, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की प्रमुख समसामयिक घटनाएं एवं मुद्दे
. वर्तमान मे चर्चित व्यक्ति एवं स्थान
. खेल एवं खेलकूद संबधी गतिविधियां

वैश्विक परिदृश्य एवं भारत
. वैश्विक परिद्रश्य मे भारत
. भारतीय समाज व अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले वर्तमान वैश्विक परिवर्तन
. उत्तर शीतयुद्ध कालीन उभरती विश्व व्यवस्थाएं, संयुक्त राष्ट्रसंघ व अन्य वैश्विक संगठनों की भूमिका और उनके प्रभाव
. विकासशील, उदीयमान एवं विकसित देशो की तुलनात्मक स्थिति, विकासशील देशों की समस्याएं
. यद्धु एवं संघातक हथियारो का भय,नाभिकीय शक्ति के खतरे
. वैश्विक आर्थिक मुद्दे एवं प्रवृत्तियां :-
. आर्थिक असंतुलन के मुद्दे
. विश्व बैंक, अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व व्यापार संगठन व अन्य महत्वपूर्ण अन्तर्राष्ट्रीय

संगठनों की वैश्विक अर्थव्यवस्था मे भूमिका
. वैश्विकरण, निजीकरण एवं उदारीकरण के प्रभाव
. अन्तर्राष्ट्रीय संबध कूटनीतिः-
. अन्तर्राष्ट्रीय संबध एवं भारतीय विदेश नीति
. अन्तर्राष्ट्रीय सन्धियां एवं सम्मेलन
. पड़ोसी देशों का भू-राजनीतिक एवं सामरिक विकास और इसका भारत पर प्रभाव

वर्तमान संवेदनशील मुद्दे
. राष्ट्रीय एकता व सुरक्षा सम्बन्धी मुद्दे:-भारतीय राज्यों मे पारस्परिक एवं आन्तरिक सामाजिक राजनैतिक द्वन्द्व के सभाव्य क्षेत्र, परम्परागत, समकालीन एवं आसन्न संकट, आन्तरिक एवं बाह्य सकट, संघर्ष के संकट, नक्सल समस्या, आतंकवाद, सीमा पार से घुसपैठ और अलगाववाद के मुद्दे,सांप्रदायिकता, संगठित अपराध, साइबर (सतांत्रिक) मुद्दे, मादक द्रव्यो की तस्करी एवं ऐसे अन्य मुद्दे।
. शासकीय मुद्देः- संवृद्धि एवं समावेषी विकास, वर्तमान सामाजिक चुनौतियां, भारत एवं राजस्थान मे युवाओं, महिलाओं, बच्चों, वृद्धजन, अल्पसख्यकों, कमजोर वर्ग, जनजातीय वर्गों, किसानों, श्रमिकों तथा व्यवसायियों से जुड़े मुद्दे, लैगिक समानता, महिला सश‌क्तिरण, मानवाधिकार, सामाजिक न्याय, भूमि अधिग्रहण,शहरीकरण के सबंध में चुनौतियां, जनाकिकीय असंतुलन, क्षेत्रीय असंतुलन व सामाजिक संघर्ष।

. दबाव समूह व संगठनात्मक विकास-स्वयंसेवी संगठनो, सिविल सोसाइटी, क्रियाशील समूह, स्वयं सहायता समूह, उत्पादक-संघ, उपभोक्ता मंच व सहकारी समूहों की भूमिका 

राजस्थान के विकास की संभावनाएं,संसाधन एवं योजनाएं
. राजस्थान के विशेष सदर्भ मे विकास से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दें
. राजस्थान की आधारभूत संरचना एवं संसाधन- वर्तमान स्थिति, मुद्दे और पहलू
. राजस्थान के विभिन्न राष्ट्रीय मिशन, परियोजनाएं एवं योजनाएं-उद्देष्य एवं प्रभाव


सामान्य एवं प्रशासनिक प्रबन्धन
. प्रबन्धन, प्रशासन व लोक प्रबन्धन:-अर्थ, प्रकृति और महत्व, प्रबन्धन एवं कार्य-नेतृत्व के सिद्धान्त, प्रबन्धन के कार्य, आयोजना, संगठन, स्टाफिग, समन्वय, निर्देशन, अभिप्रेरणा,

सम्प्रेषण एवं नियत्रण
. शक्ति एवं सत्ता की अवधारणा, उत्तरदायित्व एवं प्रत्यायोजन
. कारपोरेट शासन और कारपोरेट सामाजिक दायित्व
. लोक प्रबन्धन के नये आयाम, परिवर्तन का प्रबन्धन

प्रशासनिक नीति शास्त्र
. नीति शास्त्र एवं मानवीय अन्तर्सम्बन्ध- मानवीय क्रियाओं मे नीति शास्त्र की अवधारणा, उसके निर्धारक और परिणाम, नीति शास्त्र के आयाम, निजी व सार्वजनिक संबंधो मे नीति शास्त्र की भूमिका
. सिविल सेवाओं की दक्षता एवं उनके आधारभतू मूल्य -लोक सेवा के प्रति ईमानदारी,
तटस्थता, असंलग्नता, वस्तुनिष्ठता एवं समर्पण, अशक्त वर्ग के प्रति समानुभूति, सहिष्णुता और
सहानुभूति
. भावनात्मक बुद्धिलब्धि - अवधारणाएं एवं प्रशासन तथा शासन मे उनकी उपयोगिता एवं अनुप्रयोग
. शासन तथा लोक प्रशासन मे नैतिक मूल्यों का सशक्तीकरण 

 

 भाषागत ज्ञान (हिन्दी  एवं अग्रेजी)

सामान्य हिन्दी (राजस्थानी सहित)
कुल अंक: 120
हिन्दी अंक - 100
इस प्रश्न पत्र का उद्देश्य अभ्यर्थी की भाषा-विषयक क्षमता तथा उसके विचारो की सही, स्पष्ट एवं प्रभावपूर्ण अभिव्यक्ति की परख करना है।
भाग ‘‘अ’’
अंक - 30
. संधि एवं संधिविच्छेद - दिए हुए शब्दो मे संधि करना और संधि-विच्छेद करना।
. उपसर्ग - उपसर्गो का सामान्य ज्ञान और उनके संयोग से शब्दों की संरचना और शब्दों मे विद्यमान उपसर्गो को पृथक करना।
. प्रत्यय - प्रत्यय का सामान्य ज्ञान अाैर उनके संयोग से शब्दों की संरचना और शब्दों मे विद्यमान प्रत्ययों को पृथक करना।
. शब्द-युग्मो का अर्थभेद
. एक वाक्य के लिए एक सार्थक शब्द
. वाक्य-शुद्धि - विभिन्न व्याकरणिक अशुद्धियों वाले वाक्य को शुद्ध करना।
. मुहावरे व अनुप्रयोग
. पारिभाषिक-शब्दावली - प्रशासन से सम्बन्धित अंग्रेजी के शब्दो के समानार्थक हिन्दी शब्द।

भाग ‘‘ब’’
अंक - 30
. संक्षिप्तीकरण - गद्यावतरण का उचित शीर्षक एवं एक-तिहाई शब्दो मे संक्षिप्तीकरण
(गद्यावतरण की शब्द - सीमा 150 शब्द एवं संक्षिप्तीकरण लगभग 50 शब्दों मे होना चाहिए)
. वृद्धीकरण - किसी सूक्ति, प्रसिद्ध कथन आदि का भाव विस्तार। (शब्द-सीमा 150 शब्द)
. पत्र-लेखन एवं प्रारूप - कार्यालयी पत्र, निविदा, परिपत्र और अधिसूचना।

भाग ‘‘स’’
अंक - 40
किसी समसामयिक एवं अन्य विषय पर निबध-लेखन (शब्द - सीमा 500 शब्द)
नोट - पांच विकल्पो में से किसी एक विषय पर निबंध लेखन।

राजस्थानी साहित्य एवं बोलियां
कुल अंक - 20
खण्ड-क (कुल अंक - 10)
. राजस्थानी साहित्य का उद्भव एवं विकास
. राजस्थान की विविध बोलियां एवं प्रचलन क्षेत्र
. राजस्थानी कहावतें/ मुहावरों का हिन्दी अर्थ
. राजस्थानी शब्दो के हिन्दी समानार्थक शब्द
. राजस्थानी पद्य का हिन्दी अनुवाद

खण्ड -ख (कुल अंक- 10)
इस भाग मे राजस्थानी साहित्य के प्रमुख रचनाकारों एवं उनकी रचनाओं से संबधित एवं
लोक साहित्य की विधाओ से संबधित परिचयात्मक प्रश्न पूछे जाएगे।
1. एक सामान्य परिचयात्मक प्रश्न राजस्थानी काव्य/लोकगीतों से सबधित होगा।
2. एक सामान्य परिचयात्मक प्रश्न राजस्थानी गद्य की विविध विधाओं/ लोक-कथा/
लोक-गाथा से संबंधित होगा।

English (total number- 80)

Part-A 30 MARKS
GRAMMAR
. Articles
. Preposition
. Change of Voice
. Change of Narration
. Determiners
. Tenses
. Modals
. Synonyms & Antonyms
. Phrasal Verbs & Idioms
. One word substitute


Part-B 20 MARKS
COMPREHENSION AND TRANSLATION

. Translation of five sentences (Hindi to English)
. Comprehension of unseen passage (250 words approx.) followed by 5 questions.
Note : Question No. 5 should preferably be on vocabulary

Part-C 30 MARKS
COMPOSITION

. Paragraph Writing (200 Words approx.)
(Any one out of 3 topics)
. Letter Writing / Report Writing: (150 Words approx.)
OR
Precis writing 

 

 

सवाल और जवाब


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