मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट ने सम्मिलित राज्य प्रवर अधीनस्‍थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2013 में शामिल अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देते हुए वर्ष 2017 व 2018 की प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने के लिए दो अतिरिक्त अवसर देने की मंजूरी दे दी है। इससे करीब 40 हजार छात्रों को फायदा मिलेगा। राज्य सरकार के प्रवक्ता व मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि पूर्व में सीसैट की व्यवस्‍था लागू किए जाने से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को मुश्किलें आई थीं। काफी छात्रों का नुकसान हुआ। तमाम अभ्यर्थी उम्र अधिक होने से परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए। ये अभ्यर्थी उसी समय से परीक्षा में दो बार शामिल होने की मांग कर रहे थे। पिछली सरकार ने इस पर कोई फैसला ‌नहीं किया। कैबिनेट ने सम्मिलत राज्य प्रवर अधीनस्‍थ सेवा, प्रारम्भिक परीक्षाएं 2013 में सम्मिलित अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में छूट देने का फैसला किया है। शासन द्वारा उत्तर प्रदेश सेवाओं में भर्ती आयु सीमा दसवां संशोधन नियमावली 2012 से रज्याधीन सेवाओं में अधिकतम आयु 35 वर्ष से बढ़ाकर 40 वर्ष की गई थी। इसका लाभ वर्ष 2013 की परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को प्राप्त हुआ। वर्ष 2012 में जिन अभ्यर्थियों का अंतिम अवसर था उन्हें आयु सीमा बढ़ाए जाने के कारण वर्ष 2017 तक प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने का अवसर बाकी है। लेकिन वर्ष 2013 में आयु सीमा बढ़ने का लाभ उन अभ्यर्थियों को जिनकी आयु 39 वर्ष या इससे अधिक थी, एक अवसर ही था। इस संबंध में प्रतियोगी अभ्यर्थी लगातार मांग कर रहे थे। कैबिनेट ने इन अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में छूट देते हुए वर्ष 2017 व 2018 की प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने की अनु‌मति दे दी है। इससे करीब 40 हजार अभ्यर्थियों को फायदा होगा। पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2017 जो पहले 21 मई, 2017 को प्रस्तावित थी वह स्‍थगित कर दी गई है। सम्‍भवतः अब इसको 23 जुलाई, 2017 को आयोजित की जाएगी।

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