NDA  (National Defence Academy )


एनडीए एंड एनए

  • एनडीए एंड एनए यानी नेशनल डिफेंस एकेडमी एंड नेवल एकेडमी की चयन परीक्षा साल में दो बार यानी मार्च-अप्रैल और अगस्त-सितंबर माह में आयोजित की जाती है।
  • इस परीक्षा के माध्यम से रक्षा सेवा की एकेडमी में ट्रेनिंग के लिए योग्य युवाओं का चयन किया जाता है, जिन्हें लगभग तीन साल की गहन ट्रेनिंग के बाद सेना की विभिन्न शाखाओं में नियुक्त किया जाता है।
  • यह परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाती है। 12वीं पास करने के बाद सेना में जाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए यह परीक्षा बहुत अहम होती है।
  • इसमें लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर चयन होता है। चयनित उम्मीदवारों को तीन वर्ष की ट्रेनिंग दी जाती है। इसके बाद सेना में नियुक्ति की जाती है।

 

 

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  • प्रत्येक वर्ष यह परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाती है। इसमें 12वीं पास अविवाहित युवाओं से आवेदन मंगाए जाते हैं।
  • 12वीं में अध्ययनरत उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा का आयोजन देश के विभिन्न शहरों में किया जाता है।
  • परीक्षा और साक्षात्कार प्रत्येक 900 अंकों का होता है। इसमें उम्मीदवारों की बौद्धिक, मानसिक, मनोवैज्ञानिक और विश्लेषणात्मक क्षमता की जांच की जाती है।
  • एनडीए परीक्षा के आधार पर अंतिम रूप से चुने गए अभ्यर्थियों को नेशनल डिफेंस एकेडमी, खड़कवासला, पुणे में तीन वर्ष की ट्रेनिंग दी जाती है।
  • खास बात यह है कि इन तीन वर्षो की ट्रेनिंग के दौरान वे अपनी स्ट्रीम के अनुसार ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी पूरी करते हैं।
  • इसके लिए उनके पास फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स एवं कंप्यूटर साइंस विषयों के साथ बीएससी का या पॉलिटिकल साइंस, इकोनॉमिक्स, हिस्ट्री आदि विषयों के साथ बैचलर ऑफ आट्र्स यानी बीए का विकल्प होता है।
  • ट्रेनिंग के पहले वर्ष में तीनों सेनाओं के लिए चयनित अभ्यर्थियों को एक ही कोर्स की पढ़ाई करनी होती है। दूसरे साल में उनके द्वारा चुने गए विंग यानी आर्मी, नेवी या एयरफोर्स के आधार पर उनके कोर्स का सिलेबस बदल जाता है।
  • एनडीए में तीन वर्ष की ट्रेनिंग के उपरान्त कैडेट्स को उनके द्वारा चुनी गई विंग की विशेष जानकारी के लिए स्पेशल ट्रेनिंग पर भेजा जाता है।
  • इसके तहत आर्मी के लिए चयनित कैंडिडेट्स को इंडियन मिलिट्री एकेडमी (देहरादून), एयरफोर्स के कैंडिडेट्स को एयरफोर्स एकेडमी (हाकिमपेट) तथा नेवी के लिए चुने गए कैंडिडेट्स को नेवल एकेडमी (लोनावाला) भेजा जाता है।
  • ट्रेनिंग के सभी चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले कैडेट्स को अंतत: उनके द्वारा चुने गए सेना के किसी एक विंग में कमीशंड ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया जाता है।

  • तीन वर्ष की गहन ट्रेनिंग के बाद रैंकिंग के अनुसार नियुक्ति की जाती है। वेतनमान अलग-अलग होता है।

  • Army में जाने के लिए भाग्यार्थी किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से 10+2 पास होना चाहिए।
  • Navy और Airforce में जाने के लिए भाग्यार्थी किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से 10+2 में Physics and Mathematics के साथ पास होना चाहिए।

 

एग्जाम पैटर्न


  • एनडीए/ एनए परीक्षा दो चरणों (लिखित और इंटरव्यू) में आयोजित की जाती है। 18 सितंबर, 2016 को लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी।

लिखित परीक्षा में 900 अंकों के दो पेपर होते हैं।

पेपरविषयप्रश्नों की संख्याअंकसमयावधि
प्रथमगणित120300 ढाई घंटे
द्वितीयसामान्य योग्यता परीक्षण150600  ढाई घंटे 
 अंग्रेजी 200 
 भौतिक विज्ञान 100 
 रसायन विज्ञान 60 
 सामान्य विज्ञान 40 
 इतिहास 80 
 भूगोल 80 
 सामयिक घटनाक्रम 40 
 कुल 900 

निगेटिव मार्किंगः यह मूल रूप से वस्तुनिष्ठ परीक्षा होती है। गलत उत्तरों के बदले एक तिहाई (0.33) अंक काटे जाने का भी प्रावधान है।

  • शारीरिक परीक्षण भी है आवश्यक इसमें उम्मीदवारों की ऊंचाई के हिसाब से उनके वजन का मानक तय किया गया है।
  • आर्मी व एयरफोर्स के लिए ऊंचाई व वजन का प्रावधान एक ही है, जबकि नेवी के लिए अलग मानक है।
  • ऊंचाई व वजन संबंधी अर्हता पूरी करने के अलावा उम्मीदवार को शारीरिक परीक्षण से भी गुजरना पड़ता है।
  • इसमें उम्मीदवार को 2.4 किमी की दूरी 15 मिनट में पूरी करनी होगी। उन्हें 20 बार उठक-बैठक भी लगानी होगी।
विंगऊंचाईवजन (किग्रा)
आर्मी व एयरफोर्स152-183 सें.42.5 से 66.5
नेवी152-183 सें.44 से 67

  • सेवा चयन बोर्ड टेस्ट या साक्षात्कार 900 अंक
  • लिखित परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को सेना के सर्विस सिलेक्शन बोर्ड यानी एसएसबी द्वारा इंटरव्यू और व्यक्तित्व परीक्षण के लिए बुलाया जाता है।
  • एसएसबी इंटरव्यू पांच दिनों का होता है, लेकिन इसमें पहले दिन स्क्रीनिंग टेस्ट ही होता है, जिसमें साइकोलॉजिकल टेस्ट लिया जाता है।
  • स्क्रीनिंग टेस्ट में फेल होने वाले अभ्यर्थियों को वापस भेज दिया जाता है। शेष को अगले चार दिन तक कई टेस्ट देने होते हैं। इन चार दिनों में उम्मीदवार के हावभाव, बातचीत, रहन-सहन, उठने-बैठने आदि पर भी नजर रखी जाती है।
  • उम्मीदवार की बुनियादी बुद्धि की जांच करने के लिए साक्षात्कार के अतिरिक्त मौखिक तथा लिखित परीक्षा ली जाएगी। उनके ग्रुप परीक्षण भी किए जाएंगे, जैसे ग्रुप परिचर्चा, ग्रुप योजना एवं कार्यकलाप तथा निर्दिष्ट विषयों पर संक्षिप्त व्याख्यान देने के लिए कहा जाएगा।
  • परीक्षा के इस चरण का मुख्य उद्देश्य अभ्यर्थी की पर्सनालिटी यानी व्यक्तित्‍व, उसकी बुद्धिमत्ता और सेना में एक ऑफिसर के रूप में उसकी ऑफिसर लाइक क्वालिटी (ओएलक्यू) को जांचना-परखना होता है।

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जॉब अलर्ट और समाचार

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एग्जाम में सफल होने के लिए रणनीति, सुझाव और तरकीब

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पाठ्यक्रम


अंग्रेजीः अंग्रजी का प्रश्न इस पकार का होगा जिसमें उम्मीदवार की अंग्रेजी की समझ और शब्दों के कुशल प्रयोग का परीक्षण हो सके। पाठ्यक्रम में विभिन्न पहलू समाहित है जैसे व्याकरण और प्रयोग विधि शब्दावली तथा अंग्रेजी में उम्मीदवार की प्रवीणता की परख हेतु विस्तारित परिच्छेद की बोधगम्यता तथा संबद्धता।

सामान्य ज्ञानः सामान्य ज्ञान के प्रश्न पत्रों में मुख्य रूप से भौतिकी, रसायन शास्‍त्र, सामान्य विज्ञान, सामाजिक अध्ययन, भूगोल तथा सामायिक विषय आयेंगे। इस प्रश्न पत्र में शामिल किए गए विषयों का क्षेत्र निम्न पाठ्य विवरण पर आधारित होगा। उल्लिखित विषयों को सर्वांग पूर्ण नहीं मान लेना चाहिए तथा इसी प्रकार के ऐसे विषयों पर भीप्रश्न पूछे जा सकते हैं जिनका इस पाठ्य विवरण में उल्लेख नहीं किया गया है। उम्मीदवार के उत्तरों में विषयों को बोधगम्य ढंग से समझने की मेधा और ज्ञान का पता चलना चाहिए।

भौतिकीः द्रव्य के भौतिक गुणधर्म तथा स्थितियां, संहति, भार, आयतन, घनत्व तथा विशिष्ट घनत्व, आर्कमिडिज का सिद्धांत, वायुदाब मापी, बिम्ब की गति, वेग और त्वरण, न्यूटन के गति का नियम, बल और संवेग, बल समांतर चर्तुभुज, पिण्ड का स्‍थायित्व और संतुलन, गुरुत्वाकर्षण, कार्य, शक्ति और ऊर्ज का प्रारंभिक ज्ञान। उष्मा का प्रभाव, तापमान की माप और उष्मा, स्थिति परिवर्तन और गुप्त ऊष्मा, ऊष्मा अभिगमन की विधियां, ध्वनि तरंग और उनके गुण-धर्म, सरल वाद्य यंत्र, प्रकाश का ऋतुरेखीय चरण, परावर्तन और अपवर्तन, गोलीय दर्पण और लेंसेज, मानव नेत्र, प्राकृतिक तथा कृत्रिम चुंबक, चुंबक के गुण धर्म, पृथ्वी चुंबक के रूप में स्‍थैतिक तथा धारा विद्युत, चालक और अचालक, आेहम नियम, साधारण विद्युत परिपथ, धारा के मापन, प्रकाश तथा चुंबकीय प्रभाव, वैद्युत परिपथ, धारा के मापन, प्रकाश तथा चुंबकीय प्रभाव, वैद्युत शक्ति की माप, प्राथमिक और गौण सेल, एक्स रे के उपयोग।
निम्नलिखित के कार्य के संचालन के सिद्धांतः सरल लोलक, सरल घिरनी, साइफन, उत्तोलक, गुब्बारा, पंप, हाइड्रोमीटर, प्रशर कुकर, थर्मस फ्लास्क, ग्रामोफोन, टेलीग्राफ, टेलीफोन, पेरिस्कोप, टेलिस्कोप, माइक्रोस्कोप, नाबिक दिकसूचक, तड़ितचालक, सुरक्षा फ्यूज।

रसायन शास्‍त्रः भौतिक और रासायनिक परिवर्तन, तत्व मिश्रण तथा यौगिक, प्रतीक सूत्र और सरल रासायनिक समीकरण, समस्याओं को छोड़कर रासायनिक संयोग के नियम, वायु तथा जल के रासायनिक गुण धर्म, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नईट्रोजन तथा कार्बन डाई ऑक्साइड की रचना और गुण धर्म, ऑक्सीकरण और अपचयन।
अम्ल, क्षारक और लवण, कार्बन-भिन्नरूप, उर्वरक-प्राकृतिक और कृत्रिम, साबुन, कांच, स्याही, कागज, सीमेंट, पेंट, दियासलाई और गनपउडर जैसे पदार्थों को तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री। परमाणु की रचना, परमाणु तुल्यमान और अणुभार, संयोजकता का प्रारंभिक ज्ञान।

सामान्य विज्ञानः जड़ और चेतन में अंतर, जीव कोशिकाओं, जीव द्रव और ऊतकों का आधार, वनस्पति और प्राणियों में वृद्धि और जनन, मानव शरीर और उसके महत्वपूर्ण अंगों का प्रारंभिक ज्ञान, सामान्य महामारियों और उसके कारण तथा रोकने के उपाय। खाद्य- मनुष्य के लिए ऊर्जा का स्रोत, खाद्य के अवयव, संतुलित आहार, सौर परिवार, उल्का और धूमकेतु, ग्रहण। प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों की उपलब्धियां।

इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन आदिः भारतीय इतिहास का मौटे तौर पर सर्वेक्षण तथा संस्कृति और सभ्यता की विशेष जानकारी, भारत में स्वतंत्रता आंदोलन, भारतीय संविधान और प्रशासन का प्रारंभिक अध्ययन, भारत की पंचवर्षीय योजनाएं, पंचायती राज, सहकारी समितियां और सामुदायिक विकास की प्रारंभिक जानकारी, भूदान, सर्वोदय, राष्ट्रीय एकता और कल्याणकारी राज्य।

महात्मा गांधी के मूल उपदेशः आधुनिक विश्व निर्माण करने वाली शक्तियां, पुनर्जागरण, अन्वेषण और खोज, अमेरिका का स्‍वाधीनता संग्राम, फ्रांसीसी क्रांति, औद्योगिक क्रांति और रूसी क्रांति, समाज पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी का प्रभाव, एक विश्व की संकल्पना, संयुक्त राष्ट्र, पंचशील लोकतंत्र, समाजवाद तथा साम्यवाद, वर्तमान विश्व में भारत का योगदान।

भूगोलः पृथ्वी, इसकी आकृति और आकार, अक्षांश और रेखांश, समय संकल्पना, अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा, पृथ्वी की गतियां और उसके प्रभाव, पृथ्वी का उद्भव, चट्टाने और उनका वर्गीकरण, अपक्षय यांत्रिक और रासायनिक, भूचाल तथा ज्वलामुखी, महासागर, धाराएं और ज्वार-भाटा, वायुमंडल और इसका संगठन, तापक्रम और वायुमंडलीय दाब। भूमंडलीय पवन, चक्रवात और प्रति चक्रवात, आर्द्रता, द्रवण और घर्षण। जलवायु के प्रकार, विश्व के प्रमुख प्राकृतिक क्षेत्र, भारत का क्षेत्रीय भूगोल- जलवायु, प्राकृतिक वनस्पति, खनिज और शक्ति संसाधन, कृषि और औद्योगिक कार्यकलापों के स्‍थान और विवरण, भारत के महत्वपूर्ण समुद्र पत्तन, मुख्य समुद्री, भू और वायु मार्ग, भारत के आयात और निर्यात की प्रमुख मदें।

सामयिक घटनाएंः हाल के वर्षों में भारत में हुई महत्वपूर्ण घटनाओं की जानकारी सामयिक महत्वपूर्ण विश्व घटनाएं, भारतीय और अंतरराष्ट्रीय महत्वपूर्ण व्‍यक्तित्व, इनमें सांस्कृतिक कार्यकलापों और खेलकूद से संबंधित महत्वपूर्ण व्यक्ति भी शामिल हैं।

बीजगणितः समुच्चय की अवधारणा, समुच्चयों पर संक्रिया, वेन आरेख, द मारगन नियम, कार्तीय गुणन, संबंध, तुल्यता संबंध। वास्तविक संख्याओं का एक रेखा पर निरूपण, संमिश्र संख्याएं- आधारभूत गुणधर्म, मापक, कोणांक, इकाई का घनमूल, संख्याओं की द्विआधारी प्रणाली, दशमलव प्रणाली की एक संख्या का द्विआधारी प्रणाली में परिवर्तन तथा विलोमतः परिवर्तन, अंकगणितीय, ज्यामितीय तथा हरात्‍मक श्रेणी, वास्तविक गुणांकों सहित द्विघात समीकरण, ग्राफों द्वारा दो चरों वाले रेखिक असमिका का हल, क्रमचय तथा संचय, द्विपद प्रमेय तथा इसके अनुप्रयोग।

आव्यूह तथा सारणिकः आव्यूहों के प्रकार, आव्यूहों पर संक्रिया, आव्यूह के सारणिक, सारणिकों के आधारभूत गुणधर्म, वर्ग आव्यूह के सहखंडन तथा व्युत्क्रम, अनुप्रयोग दो या तीन अज्ञातों में रैखिक समीकरणों के तंत्र का कैमर के नियम तथ्‍ा आव्यूह पद्धति द्वारा हल।

त्रिकोणमितिः कोण तथा डिग्रियों तथा रेडियन में उनका मापन त्रिकोणमितीय अनुपात, त्रिकोणमितीय सर्वसमिका योग तथा अंतर सूत्र, बहुल तथा अपर्वतक कोण, व्युत्क्रम त्रिकोणमितीय फलन, अनुप्रयोग ऊंचाई तथा दूरी, त्रिकोणों के गुणधर्म।

दो तथा तीन विमाओं की विश्लेषिक ज्यामितिः आयातीय कार्तीय निर्देशक पद्धति, दूरी सूत्र, एक रेखा का विभिन्न प्रकारों में समीकरण, दो रेखाओं के मध्य कोण एक रेखा से एक बिंदु की दूरी, मानक तथा सामान्य प्रकार में एक वृत्त का समीकरण, परवलय, दीर्घवृत्त तथा अतिपरवलय के मानक प्रकार, एक शांकव की उत्केंद्रता तथा अक्ष, त्रिविम आकाश में बिंदु, दो बिंदुओं के मध्य दूरी, दिक को साइन तथा दिक अनुपात, समतल तथा रेखा के विभिन्न प्रकारों में समीकरण, दो रेखाओं के मध्य कोण तथा दो तलों के मध्य कोण, गोले का समीकरण।

अवकल गणितः वास्तविक मान फलन की अवधारणा- फलन का प्रांत, रेंज व ग्राफ, संयुक्‍त फलन, एकेंकी, आच्छादक तथा व्युत्क्रम फलन, सीमांत की धारणा, मानक सीमांत उदाहरण, फलनों के सांतुल्य उदाहरण, सांतुल्य फलनों पर बीज गणितीय संक्रिया, एक बिंदु पर एक फलन का अवकलन एक अवकलन के ज्यामितीय तथा भौतिक निर्वचन-अनुप्रयोग, योग के अवकलन, गुणनफल और फलकों के भागफल, एक फलन का दूसरे फलन के साथ अवकलन, वर्धमान तथा ह्रास फलन, उच्चिष्ठ तथा अल्पिष्ठ की समस्याओं में अवकलजों का अनुप्रयोग।

समाकलन गणित तथा अवकलन समीकरणः अवकलन के प्रतिलोम के रूप में समाकलन, प्रतिस्‍थापन द्वारा समाकलन तथा खंडशः समाकलन, बीजिय व्यंजकों सहित मानक समाकलन, त्रिकोणमितीय, चरघातांको तथा अतिपरवलयिक फलन निश्चित समाकलनों का मानांकन, वक्ररेखाओं द्वारा घिरे समतल क्षेत्रों के क्षेत्रफलों का निर्धारण- अनुप्रयोग। अवकलन समीकरण की डिग्री तथा कोटि की परिभाषा, उदाहरणों द्वारा अवकलन समीकरण की रचना, अवकल समीकरण का सामान्य तथा विशेष हल, विभिन्न प्रकार के प्रथम कोटि तथा प्रथम डिग्री अवकलन समीकरणों का हल-उदाहरण, वृद्धि तथा क्षय की समस्याओं में अनुप्रयोग।

सदिश बीजगणितः दो तथा तीन विमाओं में सदिश, सदिश का परिमाण एक सदिश का अदिश गुणन, दो सदिशों का अदिश गुणनफल या बिंदुगुणनफल दो सदिशों का सदिश गुणनफल या क्रॉस गुणनफल, अनुप्रयोग-बल तथा बल के आघुर्ण तथा किया गया कार्य तथा ज्यामितीय समस्याओं में अनुप्रयोग।

सांख्यिकी तथा प्रायिकताः सांख्यिकीः आंकड़ों का वर्गीकरण, बारंबरता-बंटन, संचयी बारंबारता-बंटन-उदाहरण, ग्राफीय निरूपण-आयत चित्र, पाई चार्ट, बारंबारता बहुभुज-उदाहरण केंद्रीय प्रवृत्ति का मापन-माध्य, माध्यिका तथा बहुलक, प्रसरण तथा मानक विचलन निर्धारण तथा तुलना, सहसंबंध तथा समाश्रयण।

प्रायिकताः यादृच्छिक प्रयोग, परिणाम तथा सहचारी प्रतिदर्श समष्टि, घटना, परस्पर अपरवर्जित तथा निश्‍शेष घटनएं-असंभव तथा निश्चित घटनाएं, घटनाओं का सम्मिलन तथा सर्वनिष्ठ पूरक, प्रारंभिक तथा संयुक्त घटनाएं, प्रायिकता पर प्रारंभिक तथा संयुक्त घटनाएं, प्रायिकता पर प्रारंभिक प्रमेय साधारण प्रश्न, प्रतिदर्श समाविष्ट पर फलन के रूप में यादृच्छिक चर-द्विआधारी बंटन, द्विआधारी बंटन को उत्‍पन्न करने वाले यादृच्छिक प्रयोगों के उदाहरण।

 

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